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नाली, चकरोड की जमीन भी सनसिटी को दी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:36 PM IST
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दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर बसे गांव जैंत, छटीकरा और सुनरख बांगर सहित छह गांवों के नाली और चकरोड की जमीन भी सनसिटी के खातों में दर्ज कर दी गई है। इस पर न तो ग्राम पंचायतों ने आपत्ति उठाई और न ही चकबंदी विभाग ने इसकी सुध ली। किसान आक्रोशित हैं कि चकबंदी और पुलिस अधिकारियों ने किसानों को ही उनकी जमीन से बेदखल करने में सनसिटी से हाथ मिला लिया है। इसके विरोध में आज कलक्ट्रेट में चकबंदी विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
बीते दिवस चकबंदी के अधिकारी पुलिस के साथ गांव जैंत में सनसिटी की जमीन की पैमाइश के लिए पहुंच गए। हालांकि ग्रामीणों के विरोध के बाद उन्हें मौके से भागना पड़ा। इससे क्षेत्र में किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी और पुलिस सनसिटी के लिए काम कर रहे हैं।
यही कारण है कि सनसिटी द्वारा किसानों से ली गई जमीन में ही ग्राम पंचायत के नाली-चकरोड का हिस्सा भी छोड़ दिया गया है। किसानों का कहना है कि करीब 10 से 15 प्रतिशत जमीन चकरोड और नाली के नाम दर्ज होती है। लेकिन सनसिटी द्वारा ली गई 500 एकड़ जमीन में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के साथ चकबंदी विभाग के अफसर शामिल हैं। किसानों ने इस संबंध में चकबंदी अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
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ब्रज किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर राजेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस और चकबंदी विभाग सनसिटी के लिए किसानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके खिलाफ गुरुवार को डीएम से शिकायत की जाएगी। इससे पूर्व चकबंदी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
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बीते दिवस चकबंदी के अधिकारी पुलिस के साथ गांव जैंत में सनसिटी की जमीन की पैमाइश के लिए पहुंच गए। हालांकि ग्रामीणों के विरोध के बाद उन्हें मौके से भागना पड़ा। इससे क्षेत्र में किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी और पुलिस सनसिटी के लिए काम कर रहे हैं।
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यही कारण है कि सनसिटी द्वारा किसानों से ली गई जमीन में ही ग्राम पंचायत के नाली-चकरोड का हिस्सा भी छोड़ दिया गया है। किसानों का कहना है कि करीब 10 से 15 प्रतिशत जमीन चकरोड और नाली के नाम दर्ज होती है। लेकिन सनसिटी द्वारा ली गई 500 एकड़ जमीन में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के साथ चकबंदी विभाग के अफसर शामिल हैं। किसानों ने इस संबंध में चकबंदी अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
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ब्रज किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर राजेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस और चकबंदी विभाग सनसिटी के लिए किसानों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके खिलाफ गुरुवार को डीएम से शिकायत की जाएगी। इससे पूर्व चकबंदी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।