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Mathura News: घर जाने की मारामारी, बसों में पैर रखने की जगह नहीं
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मथुरा। दिवाली मनाने के लिए लोगों का अपने घरों को जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके लिए रोडवेज ने बसों के फेरे बढ़ाएं हैं, लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद शहर के दोनों बस अ़ड्डों पर बसों में सवार होने के लिए सवारियों में मारामारी मची रही है। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया यात्रियों की भीड़ भी बढ़ती गई।
दरअसल ट्रेनों में रिजर्वेशन तो दूर जनरल डिब्बों में भी पैर रखने तक जगह नहीं मिल रही। ऐसे में लोग गंतव्यों को जाने के लिए रोडवेज बसों और डग्गामारों के भरोसे है। बस अड्डों पर काफी भीड़ रही और रवाना होने वाली बसें खचाखच भरी रहीं।
डिपो के वरिष्ठ लेखाकार संतोष अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार देर शाम तक नए बस अड्डे और पुराने बस अड्डे से 100-100 बसों का संचालन आगरा, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़ समेत अलग-अलग रूटों पर किया गया। नए बस अड्डे से करीब 6 हजार सवारियां गंतव्य के लिए रवाना की गई हैं। पुराने बस अड्डे पर भी मिलेजुले हालात रहे। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं और बसों के फेरे भी बढ़ा दिए हैं. ताकि सभी को त्योहार मनाने के लिए घरों तक पहुंचाया जा सके।
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खूब दौड़ी डग्गेमार बसें
त्योहार पर डग्गेमार बसों का भी धड़ल्ले से संचालन हुआ। गोवर्धन चौराहे, भरतपुर तिराहा, औरंगाबाद तिराहे से इन बसों का संचालन किया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बने रहे। डग्गेमार वाहन खुलेआम ठूंस-ठूंसकर सवारियां भरते रहे। गोवर्धन चौराहे पर डग्गेमार वाहनों का बड़ा कॉकस है।
यही वजह है कि इन बसों के चालक हाथ में किराए की लिस्ट लेकर घूमते हैं। कम किराए का लालच देकर सवारियों को अपनी बस में बैठा लेते हैं। डग्गेमार बसों के अलावा चौराहे पर काफी संख्या में हरियाणा नंबर की टैक्सी भी नजर आईं, जो कि बारी आने पर सवारियां भरकर रवाना हुईं। एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि डग्गेमार वाहनों की वजह से आईएसबीटी पर कम सवारियां पहुंचती हैं। इससे विभाग को काफी नुकसान होता है।
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दरअसल ट्रेनों में रिजर्वेशन तो दूर जनरल डिब्बों में भी पैर रखने तक जगह नहीं मिल रही। ऐसे में लोग गंतव्यों को जाने के लिए रोडवेज बसों और डग्गामारों के भरोसे है। बस अड्डों पर काफी भीड़ रही और रवाना होने वाली बसें खचाखच भरी रहीं।
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डिपो के वरिष्ठ लेखाकार संतोष अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार देर शाम तक नए बस अड्डे और पुराने बस अड्डे से 100-100 बसों का संचालन आगरा, दिल्ली, लखनऊ, अलीगढ़ समेत अलग-अलग रूटों पर किया गया। नए बस अड्डे से करीब 6 हजार सवारियां गंतव्य के लिए रवाना की गई हैं। पुराने बस अड्डे पर भी मिलेजुले हालात रहे। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं और बसों के फेरे भी बढ़ा दिए हैं. ताकि सभी को त्योहार मनाने के लिए घरों तक पहुंचाया जा सके।
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खूब दौड़ी डग्गेमार बसें
त्योहार पर डग्गेमार बसों का भी धड़ल्ले से संचालन हुआ। गोवर्धन चौराहे, भरतपुर तिराहा, औरंगाबाद तिराहे से इन बसों का संचालन किया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बने रहे। डग्गेमार वाहन खुलेआम ठूंस-ठूंसकर सवारियां भरते रहे। गोवर्धन चौराहे पर डग्गेमार वाहनों का बड़ा कॉकस है।
यही वजह है कि इन बसों के चालक हाथ में किराए की लिस्ट लेकर घूमते हैं। कम किराए का लालच देकर सवारियों को अपनी बस में बैठा लेते हैं। डग्गेमार बसों के अलावा चौराहे पर काफी संख्या में हरियाणा नंबर की टैक्सी भी नजर आईं, जो कि बारी आने पर सवारियां भरकर रवाना हुईं। एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि डग्गेमार वाहनों की वजह से आईएसबीटी पर कम सवारियां पहुंचती हैं। इससे विभाग को काफी नुकसान होता है।