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नहीं मिली मर्ज की दवा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:55 PM IST
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दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ लामबंद हुए राज्य के दवा विक्रेताओं की बुधवार को हड़ताल के कारण बीमार और तीमारदार परेशान हुए। वे दवाओं के लिए इधर से उधर भटकते रहे। हालांकि कई नर्सिंग होम के अंदर की दुकानें खुली रहीं जिससे वहां भर्ती मरीजों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ प्रदेश के दवा विक्रेताओं ने बुधवार को हड़ताल का एलान किया था। इसके चलते मथुरा की ड्रग केमिस्ट एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया। बुधवार को जिले की लगभग 700 थोक दुकानें और एक हजार से अधिक फुटकर दवा की दुकानें बंद रहीं।
आर्य समाज रोड स्थित दवाओं की थोक दुकानों की मार्केट भी बंद रही। इसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आलम ये था कि मर्ज लिए मरीज दवाओं के लिए इधर से उधर भटकते नजर आए।
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अस्पतालों में भर्ती रोगियों को भी दवाओं के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पतालों के अंदर के दवाखानों से दवाओं की आपूर्ति ने जरूर मरीज और तीमारदारों को थोड़ी राहत दी, लेकिन गंभीर रोगियों को बाजार से दवा न मिलने पर खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ प्रदेश के दवा विक्रेताओं ने बुधवार को हड़ताल का एलान किया था। इसके चलते मथुरा की ड्रग केमिस्ट एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया। बुधवार को जिले की लगभग 700 थोक दुकानें और एक हजार से अधिक फुटकर दवा की दुकानें बंद रहीं।
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आर्य समाज रोड स्थित दवाओं की थोक दुकानों की मार्केट भी बंद रही। इसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आलम ये था कि मर्ज लिए मरीज दवाओं के लिए इधर से उधर भटकते नजर आए।
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अस्पतालों में भर्ती रोगियों को भी दवाओं के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पतालों के अंदर के दवाखानों से दवाओं की आपूर्ति ने जरूर मरीज और तीमारदारों को थोड़ी राहत दी, लेकिन गंभीर रोगियों को बाजार से दवा न मिलने पर खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।