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UP: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ केस लड़ रहे कथावाचक से कोर्ट परिसर में मारपीट, मामले में छह जून को फैसला

Thu, 29 May 2025 12:20 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अरुन पाराशर Updated Thu, 29 May 2025 12:20 AM IST
सार

सुनवाई खत्म होने के बाद जैसे ही कथावाचक कोर्ट से बाहर निकले। अधिवक्ताओं के कपड़े पहने युवकों ने उनके बाल पकड़ लिए और खींचने लगे। मारपीट कर दी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई।

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Storyteller beat up in court room during Finance Minister Suresh Khanna case
police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ केस लड़ रहे कथावाचक की कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के कपड़े पहनकर आए युवकों ने पिटाई कर दी। आरोप है कि एमपी/एमएलए कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता के इशारे पर वादी के साथ यह घटना हुई।
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वृंदावन के एक आश्रम पर कब्जा करने वाले अधिकारियों, भूमाफिया को संरक्षण देने एवं विजिलेंस जांच को प्रभावित करने को लेकर कथा वाचक कौशल किशोर ठाकुर ने एमपी/एमएलए की कोर्ट में वाद दायर किया था। बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। कथावाचक का पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना सिंह ने कोर्ट में बहस की।
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आरोप है कि सुनवाई खत्म होने के बाद जैसे ही कथावाचक कोर्ट से बाहर निकले। शासकीय अधिवक्ता और उनके साथ आए अधिवक्ताओं के कपड़े पहने युवकों ने उनके बाल पकड़ लिए और खींचने लगे। सभी ने उनके साथ अभद्रता कर पिटाई की। कथावाचक के अधिवक्ता और उनके जूनियर ने किसी तरह उन्हें बचाया और पुलिस को सूचना दी।
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सिविल लाइन पुलिस कथावाचक को अधिवक्ता के चैंबर में ले गई। अपने अधिवक्ता के चैंबर में ही कथावाचक ने चौकी प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। सीओ सिटी भूषण वर्मा का कहना है कि पीड़ित की तहरीर मिल गई है। जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एमपी/एमएलए कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता हरेंद्र शर्मा ने कहा कि शासकीय अधिवक्ता का काम होता है सरकार की ओर केस लड़ना। न कि वादी या प्रतिवादी के साथ मारपीट करना। कथावाचक ने जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं। कथावाचक ने मीडिया की सुर्खियों में आने के लिए पूरा ड्रामा रचा है।

छह जून को सुनाया जाएगा फैसला
उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के खिलाफ भूमाफिया और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को मथुरा की एमपी/एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाने की तारीख 6 जून तय की है।

यह याचिका सनातन धर्म रक्षापीठ के अध्यक्ष और कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने मंत्री खन्ना पर वृंदावन स्थित प्रतिष्ठित आश्रम मानव सेवा संघ से जुड़ी फर्जी वसीयत के प्रकरण में आरोपियों को संरक्षण देने, अपने पद और सरकारी अधिकारों का दुरुपयोग करने और विजिलेंस जांच को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रीना सिंह ने पक्ष रखते हुए कई महत्वपूर्ण नजीरों का हवाला दिया। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि खन्ना के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की जाए, क्योंकि उनके संरक्षण के कारण दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर का यह भी कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आश्रम के संतों को जान-माल का खतरा बना रहेगा। अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस महत्वपूर्ण फैसले पर टिकी हैंं। 
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