{"_id":"1fc0acc18b56190a42194a4b7744b1fc","slug":"statement-of-senior-ips-officers-will-be-recorded-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीजी कमलेन्द्र सहित नामजदों के दर्ज होंगे बयान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडीजी कमलेन्द्र सहित नामजदों के दर्ज होंगे बयान
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 10 Dec 2014 12:49 AM IST
विज्ञापन
गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद और उनकी पत्नी नरेश नंदिनी आनंद द्वारा 250 करोड़ के घोटाले में फंसाने के आरोप को लेकर की गई आत्महत्या के मामले में एडीजी कमलेन्द्र सहित सभी नामजदों के मथुरा पुलिस बयान दर्ज करेगी।
मथुरा में नामजद सभी 32 लोगों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस दिल्ली, लखनऊ और महाराष्ट्र तक जाएगी। क्राइम ब्रांच शाखा ने डीआईजी से मामले की विवेचना के लिए गैर प्रांत जाने की अनुमति मांगी है।
15 अक्तूबर को संगीतकार संतोष आनंद के इकलौते बेटे संकल्प आनंद, उनकी पत्नी नरेश नंदिनी आनंद ने कोसीकलां में मथुरा दिल्ली रेल लाइन पर सुबह आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
उनकी कार से मिले 11 पेज के सुइसाइड नोट में यूपी पुलिस के एडीजी आवास निगम कमलेन्द्र प्रसाद, डीआईजी संदीप मित्तल सहित 32 लोगों को 250 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने का आरोप लगाया गया था। मामले में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने को लेकर इनको नामजद किया गया।
मामले की विवेचना किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने को एसएसपी मथुरा मंजिल सैनी ने पुलिस हेडक्वार्टर को पत्र लिखे लेकिन अब तक इसकी जांच किसी को नहीं सौंपा गई है। फिलहाल इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच मथुरा से हो रही है।
मामले में अब क्राइम ब्रांच के दरोगा और विवेचक ने गैर प्रांत जाने के लिए डीआईजी से अनुमति मांगी है। पता चला है कि संकल्प आनंद प्रकरण में नामजद 32 लोग दिल्ली, लखनऊ, महाराष्ट्र के मुंबई और अन्य शहरों में रहते हैं। इसमें विवेचक पहले नामजदों के बयान दर्ज करेंगे।
संकल्प आनंद प्रकरण की पेचीदगी भरी जांच में नामजदों को बयान के लिए विवेचक ने किसी राजपत्रित अधिकारी को भी साथ भेजने की अनुमति मांगी है। इसमें किसी सीओ या एएसपी को भेजा जा सकता है।
विज्ञापन
मथुरा में नामजद सभी 32 लोगों के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस दिल्ली, लखनऊ और महाराष्ट्र तक जाएगी। क्राइम ब्रांच शाखा ने डीआईजी से मामले की विवेचना के लिए गैर प्रांत जाने की अनुमति मांगी है।
विज्ञापन
15 अक्तूबर को संगीतकार संतोष आनंद के इकलौते बेटे संकल्प आनंद, उनकी पत्नी नरेश नंदिनी आनंद ने कोसीकलां में मथुरा दिल्ली रेल लाइन पर सुबह आत्महत्या कर ली थी।
विज्ञापन
उनकी कार से मिले 11 पेज के सुइसाइड नोट में यूपी पुलिस के एडीजी आवास निगम कमलेन्द्र प्रसाद, डीआईजी संदीप मित्तल सहित 32 लोगों को 250 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने का आरोप लगाया गया था। मामले में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने को लेकर इनको नामजद किया गया।
मामले की विवेचना किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने को एसएसपी मथुरा मंजिल सैनी ने पुलिस हेडक्वार्टर को पत्र लिखे लेकिन अब तक इसकी जांच किसी को नहीं सौंपा गई है। फिलहाल इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच मथुरा से हो रही है।
मामले में अब क्राइम ब्रांच के दरोगा और विवेचक ने गैर प्रांत जाने के लिए डीआईजी से अनुमति मांगी है। पता चला है कि संकल्प आनंद प्रकरण में नामजद 32 लोग दिल्ली, लखनऊ, महाराष्ट्र के मुंबई और अन्य शहरों में रहते हैं। इसमें विवेचक पहले नामजदों के बयान दर्ज करेंगे।
संकल्प आनंद प्रकरण की पेचीदगी भरी जांच में नामजदों को बयान के लिए विवेचक ने किसी राजपत्रित अधिकारी को भी साथ भेजने की अनुमति मांगी है। इसमें किसी सीओ या एएसपी को भेजा जा सकता है।