Mathura: बिहारीजी कॉरिडोर में कहीं दब न जाए जन्मभूमि का शोर... हिंदू चेतना यात्रा को नया रूप देने की तैयारी
सिद्ध बाबा धाम के पीठाधीश्वर स्वामी कांताचार्य के सानिध्य में शुरू हुई इस यात्रा में इस मुहिम को और तेज करने का आह्वान किया गया। अब इन यात्राओं को विदेश तक ले जाने की तैयारी है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से शुरू की गई हिंदू चेतना यात्रा को अब नया रूप देने की तैयारी की गई है। दरअसल, बांकेबिहारी कॉरिडोर का मुद्दा इस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास को डर है कि कहीं कॉरिडोर के शोर में जन्मभूमि के लिए उठाई गई आवाज दब न जाए। यही कारण है कि अब न्यास हिंदू चेतना यात्रा को और जोरशोर से चलाने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही स्पेन और आस्ट्रेलिया से यात्राएं शुरू होंगी जो मथुरा पहुंचकर इस आंदोलन के लिए हुंकार भरेंगी।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के आह्वान पर यह यात्रा कई माह पहले शुरू हुई थी। पहली यात्रा द्वारिका से शुरू हुई थी जो मार्च माह में मथुरा पहुंची थी। उसके बाद ब्रज की 84 कोसी यात्रा की गई। इसके बाद बुलंदशहर के रामघाट से यात्रा शुरू हुई जो नौ जून को मथुरा पहुंची। इस पैदल यात्रा में उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग अलग जिलों के संत शामिल हुए थे।
सिद्ध बाबा धाम के पीठाधीश्वर स्वामी कांताचार्य के सानिध्य में शुरू हुई इस यात्रा में इस मुहिम को और तेज करने का आह्वान किया गया। अब इन यात्राओं को विदेश तक ले जाने की तैयारी है। एडवोकेट महेंद्र बताते हैं कि स्पेन से जल्द ही यह यात्रा उमेश योगी के नेतृत्व में शुरू होगी। साथ ही आस्ट्रेलिया से ब्राह्मण महासभा के बैनर तले आजाद शर्मा, इंदर शर्मा यात्रा शुरू करेंगे। इन यात्राओं की शुरुआत पैदल होगी लेकिन बाद में इसे मोटरसाइकिल यात्रा में बदलने पर विचार किया जा रहा है। सभी यात्राएं मथुरा ही आएंगी। जम्मू से भी एक और यात्रा शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए न्यास देश भर में संपर्क कर रहा है।
यह है न्यास का दावा
न्यास अध्यक्ष एवं यात्रा संयोजक महेंद्र प्रताप के मुताबिक मथुरा में भी श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनकर रहेगा। श्रद्धा के साथ ही यह तर्कों की भी जंग है। औरंगजेब ने सन 1670 में यहां के केशवदेव को मंदिर तुड़वाकर शाही ईदगाह मस्जिद बना दी। यह विवाद कुल 13.37 एकड़ जमीन का है। इसमें से 10.9 एकड़ का स्वामित्व मंदिर के पास है जबकि लगभग ढाई एकड़ का शाही ईदगाह मस्जिद के पास है। हम इतिहास और साक्ष्यों के आधार पर ही अदालत में भी इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। अब देश ही नहीं, दूसरे देशों से भी हिंदू चेतना यात्रा शुरू होंगी जो मथुरा पहुंचेंगी।
यात्राएं बंद कराने को अदालत में पहुंच चुका है मुस्लिम पक्ष
इन यात्राओं को बंद कराने की मनुहार करते हुए मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। कहा है कि इन यात्राओं से माहौल खराब होगा। जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो फिर यात्राओं की क्या आवश्यकता है। ऐसे में इन पर तत्काल रोक लगाई जाए। अदालत में इस पर सुनवाई की तारीख चार जुलाई मुकर्रर की गई है।