{"_id":"647b8dcb58dcdb0b490ffbe4","slug":"sketches-of-miscreants-ready-many-suspects-detained-mathura-news-c-29-1-mtr1007-83892-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बदमाशों के स्कैच तैयार, कई संदिग्धों को हिरासत में लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बदमाशों के स्कैच तैयार, कई संदिग्धों को हिरासत में लिया
Sun, 04 Jun 2023 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Sun, 04 Jun 2023 12:30 AM IST
विज्ञापन
- यमुना एक्सप्रेसवे पर वारदात में पुलिस को बाहरी गिरोह पर शक
- पुलिस पूछताछ कर सुराग लगाने में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार तीन वारदात से हरकत में आई पुलिस ने शुक्रवार को बदमाशों के स्कैच बनाने के साथ ही पुरानी वारदात में शामिल रहे एक दर्जन बदमाशों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ कर सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि पुलिस वारदात में बाहरी गिरोह का हाथ होने से भी इन्कार नहीं कर रही है।
पुलिस ने देहाती तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले हाईप्रोफाइल गिरोह तक पहुंचने में पूरी ताकत झोंक दी है। तीनों घटनाओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया। इस नजरिये से पीड़ितों के माध्यम से स्कैच तैयार कराए हैं। इन स्कैच को पुलिस न केवल पुराने अपराधियों से मेल करा रही है बल्कि उनको दिखाकर नए गिरोह तक पहुंचने का प्रयास भी कर रही है। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि हाल ही जेल से छूटे और लूट की घटनाओं में लिप्त रहे एक दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनसे पूछताछ कर गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। जमुनापार थानाध्यक्ष निरीक्षक सूरज प्रकाश शर्मा ने बताया कि तीनों वारदात के पीड़ितों के बताए अनुसार गिरोह के सदस्यों की कदकाठी और बातचीत के तरीके से अब तक जो जानकारी हुई है उससे लग रहा है कि गिरोह बाहर का है परंतु उनके द्वारा स्थानीय बदमाशों से मदद ली जा रही है।
बदमाश नए तरीका पुराना
जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले सभी बदमाश युवा हैं, परंतु वारदात को अंजाम देने के लिए पुराने तरीके पत्थर को प्रयोग किया जा रहा है। उनका पहला हथियार पत्थर उन्हें कहीं भी सड़क किनारे पड़े मिल जाता है। पुलिस की मानें तो तीनों वारदात में जिस प्रकार के पत्थरों का प्रयोग किया गया है वह सड़क बनाने में काम आने वाली गिट्टी के हैं।
विज्ञापन
खतरा बने अंडरपास पर विशेष तैनाती
एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह अंडरपास बने हुए हैं। ये ऐसे स्थान जहां छुपकर बदमाश वारदात को अंजाम देते हैं। इनमें कई जगहों पर रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पुलिस ने इन सभी के पास और उन अस्थायी रास्तों पर जहां से एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जाता है पर 112 की गाड़ी तैनात की है। सभी थानों प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष गश्त करने के निर्देश दिए हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
सात थाने, 4 पीआरवी और पेट्रोलिंग गाड़ियां फिर भी वारदात
- दौड़ती गाड़ियों पर पत्थर फेंकने वाला गिरोह पुलिस के लिए बना चुनौती
- यमुना एक्सप्रेसव पर एक सप्ताह में तीन वारदात से सुरक्षा के दावे फेल हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
टैंटीगांव-मथुरा। नोए़डा से आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर पत्थरमार गिरोह ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है। जनपद क्षेत्र में 80 किलोमीटर के दायरे में एक्सप्रेसवे के हिस्से पर एक सप्ताह में तीन वारदात ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा के तमाम दावे खोखले हैं। माइल स्टोन 89-90 के बीच लगातार दो और 107 पर बृहस्पतिवार रात अंजाम दी गई वारदात से रात में सफर करने वाले कार चालकों में दहशत का माहौल है। दोनों माइल स्टोन के बीच 18 किमी की दूरी है। उधर, लंबे अंतराल बाद एकाएक सकि्रय हुए लूट इस गिरोह से भले पुलिस महकमे में अफरातफरी है, लेकिन अब तक एक भी वारदात का खुलासा नहीं होने पर सवाल भी उठने लगे हैं ।
जनपद में यमुना एक्सप्रेसवे के 80 किलोमीटर क्षेत्र में सात थाने नौहझील, राया, जमुनापार, महावन, बलदेव, सुरीर और मांट हैं। इनके अलावा सुरक्षा के लिए चार पीआरवी, एक्सप्रेसवे की तीन पेट्रोलिंग गाड़ियां, दो चेतक बाइक तैनात हैं। बावजूद इसके लूट की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली दो वारदात सुरीर थाना क्षेत्र में और तीसरी महज 18 किलोमीटर की दूरी पर जमुनापार क्षेत्र में अंजाम दी गई।
पहली दो वारदात एक ही जगह
पहली वारदात 30 मई की रात अंजाम दी गई। पत्थर फेंकने के बाद कार का शीशा टूट गया। कार रुकते ही तमंचे के बल पर दिल्ली के इंजीनियर परिवार को लूट लिया गया। अगले दिन 31 मई की रात कारों पर पत्थर फेंके गए। गनीमत रही कि किसी चालक ने कार नहीं रोकी। हालांकि एक कार का शीशा टूटने से उसमें सवार महिला घायल हो गई। दोनों घटनाएं माइल स्टोन 89 व 90 के बीच हुईं।
तीसरी वारदात माइल स्टोन 107 पर
पुलिस गिरोह के बदमाशों पर शिकंजा कस पाती उससे पहले ही बृहस्पतिवार रात थाना जमुनापार क्षेत्र के माइल स्टोन 107 पर डिवाइडर की झाड़ियों में छिपे पत्थर मार गैंग के बदमाशों ने एक कार पर पत्थर फेंके। चालक कार यहां न रोककर करीब एक किलोमीटर आगे जाकर किनारे खड़ी कर दी। तभी पीछे से आएं पांच नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा दिखाकर रामविलास निवासी उसायनी, जिला फिरोजाबाद से 15 हजार की नकदी और कागजात, फुफेरे भाई अभिषेक निवासी दिल्ली से 800 रुपये व लैपटॉप और साले सनी निवासी कन्नौज से 2500 रुपये व भतीजे निगम से 250 रुपये लूट कर भाग गए। ये सभी दिल्ली से फिरोजाबाद लौट रहे थे। सूचना पर डायल 112 के अलावा जमुनापार थाना पुलिस भी पहुंच गई। साथ एसपी देहात त्रिगुण बिसेन भी घटनास्थल पर पहुंचे।
नोएडा से आगरा तक 12 थाना क्षेत्र
नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे की दूरी 165 किलोमीटर है। एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा सहित पांच जिलों की सीमा में होकर गुजरता है। गौतमबुद्धनगर से लेकर आगरा तक 12 से अधिक थाना क्षेत्र पड़ते हैं। इसके साथ ही आधा दर्जन से अधिक डायल 112 पुलिस की गाड़ियों के अलावा इंफ्राटेक व पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ियां भी सुरक्षा में लगी हैं।
विज्ञापन
- पुलिस पूछताछ कर सुराग लगाने में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार तीन वारदात से हरकत में आई पुलिस ने शुक्रवार को बदमाशों के स्कैच बनाने के साथ ही पुरानी वारदात में शामिल रहे एक दर्जन बदमाशों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ कर सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि पुलिस वारदात में बाहरी गिरोह का हाथ होने से भी इन्कार नहीं कर रही है।
पुलिस ने देहाती तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले हाईप्रोफाइल गिरोह तक पहुंचने में पूरी ताकत झोंक दी है। तीनों घटनाओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया। इस नजरिये से पीड़ितों के माध्यम से स्कैच तैयार कराए हैं। इन स्कैच को पुलिस न केवल पुराने अपराधियों से मेल करा रही है बल्कि उनको दिखाकर नए गिरोह तक पहुंचने का प्रयास भी कर रही है। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि हाल ही जेल से छूटे और लूट की घटनाओं में लिप्त रहे एक दर्जन संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनसे पूछताछ कर गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। जमुनापार थानाध्यक्ष निरीक्षक सूरज प्रकाश शर्मा ने बताया कि तीनों वारदात के पीड़ितों के बताए अनुसार गिरोह के सदस्यों की कदकाठी और बातचीत के तरीके से अब तक जो जानकारी हुई है उससे लग रहा है कि गिरोह बाहर का है परंतु उनके द्वारा स्थानीय बदमाशों से मदद ली जा रही है।
विज्ञापन
बदमाश नए तरीका पुराना
जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले सभी बदमाश युवा हैं, परंतु वारदात को अंजाम देने के लिए पुराने तरीके पत्थर को प्रयोग किया जा रहा है। उनका पहला हथियार पत्थर उन्हें कहीं भी सड़क किनारे पड़े मिल जाता है। पुलिस की मानें तो तीनों वारदात में जिस प्रकार के पत्थरों का प्रयोग किया गया है वह सड़क बनाने में काम आने वाली गिट्टी के हैं।
विज्ञापन
खतरा बने अंडरपास पर विशेष तैनाती
एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह अंडरपास बने हुए हैं। ये ऐसे स्थान जहां छुपकर बदमाश वारदात को अंजाम देते हैं। इनमें कई जगहों पर रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पुलिस ने इन सभी के पास और उन अस्थायी रास्तों पर जहां से एक्सप्रेसवे पर चढ़ा जाता है पर 112 की गाड़ी तैनात की है। सभी थानों प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष गश्त करने के निर्देश दिए हैं।
सात थाने, 4 पीआरवी और पेट्रोलिंग गाड़ियां फिर भी वारदात
- दौड़ती गाड़ियों पर पत्थर फेंकने वाला गिरोह पुलिस के लिए बना चुनौती
- यमुना एक्सप्रेसव पर एक सप्ताह में तीन वारदात से सुरक्षा के दावे फेल हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
टैंटीगांव-मथुरा। नोए़डा से आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर पत्थरमार गिरोह ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है। जनपद क्षेत्र में 80 किलोमीटर के दायरे में एक्सप्रेसवे के हिस्से पर एक सप्ताह में तीन वारदात ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा के तमाम दावे खोखले हैं। माइल स्टोन 89-90 के बीच लगातार दो और 107 पर बृहस्पतिवार रात अंजाम दी गई वारदात से रात में सफर करने वाले कार चालकों में दहशत का माहौल है। दोनों माइल स्टोन के बीच 18 किमी की दूरी है। उधर, लंबे अंतराल बाद एकाएक सकि्रय हुए लूट इस गिरोह से भले पुलिस महकमे में अफरातफरी है, लेकिन अब तक एक भी वारदात का खुलासा नहीं होने पर सवाल भी उठने लगे हैं ।
जनपद में यमुना एक्सप्रेसवे के 80 किलोमीटर क्षेत्र में सात थाने नौहझील, राया, जमुनापार, महावन, बलदेव, सुरीर और मांट हैं। इनके अलावा सुरक्षा के लिए चार पीआरवी, एक्सप्रेसवे की तीन पेट्रोलिंग गाड़ियां, दो चेतक बाइक तैनात हैं। बावजूद इसके लूट की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली दो वारदात सुरीर थाना क्षेत्र में और तीसरी महज 18 किलोमीटर की दूरी पर जमुनापार क्षेत्र में अंजाम दी गई।
पहली दो वारदात एक ही जगह
पहली वारदात 30 मई की रात अंजाम दी गई। पत्थर फेंकने के बाद कार का शीशा टूट गया। कार रुकते ही तमंचे के बल पर दिल्ली के इंजीनियर परिवार को लूट लिया गया। अगले दिन 31 मई की रात कारों पर पत्थर फेंके गए। गनीमत रही कि किसी चालक ने कार नहीं रोकी। हालांकि एक कार का शीशा टूटने से उसमें सवार महिला घायल हो गई। दोनों घटनाएं माइल स्टोन 89 व 90 के बीच हुईं।
तीसरी वारदात माइल स्टोन 107 पर
पुलिस गिरोह के बदमाशों पर शिकंजा कस पाती उससे पहले ही बृहस्पतिवार रात थाना जमुनापार क्षेत्र के माइल स्टोन 107 पर डिवाइडर की झाड़ियों में छिपे पत्थर मार गैंग के बदमाशों ने एक कार पर पत्थर फेंके। चालक कार यहां न रोककर करीब एक किलोमीटर आगे जाकर किनारे खड़ी कर दी। तभी पीछे से आएं पांच नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा दिखाकर रामविलास निवासी उसायनी, जिला फिरोजाबाद से 15 हजार की नकदी और कागजात, फुफेरे भाई अभिषेक निवासी दिल्ली से 800 रुपये व लैपटॉप और साले सनी निवासी कन्नौज से 2500 रुपये व भतीजे निगम से 250 रुपये लूट कर भाग गए। ये सभी दिल्ली से फिरोजाबाद लौट रहे थे। सूचना पर डायल 112 के अलावा जमुनापार थाना पुलिस भी पहुंच गई। साथ एसपी देहात त्रिगुण बिसेन भी घटनास्थल पर पहुंचे।
नोएडा से आगरा तक 12 थाना क्षेत्र
नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे की दूरी 165 किलोमीटर है। एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा सहित पांच जिलों की सीमा में होकर गुजरता है। गौतमबुद्धनगर से लेकर आगरा तक 12 से अधिक थाना क्षेत्र पड़ते हैं। इसके साथ ही आधा दर्जन से अधिक डायल 112 पुलिस की गाड़ियों के अलावा इंफ्राटेक व पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ियां भी सुरक्षा में लगी हैं।