{"_id":"6553b85f6e3f966a5001713b","slug":"six-policemen-fired-six-shots-at-farooq-four-bullets-hit-him-mathura-news-c-369-1-mt11005-3742-2023-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: फारुख पर छह पुलिसकर्मियों ने किए थे छह फायर, चार गोलियां लगीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: फारुख पर छह पुलिसकर्मियों ने किए थे छह फायर, चार गोलियां लगीं
विज्ञापन
मथुरा। कंठीमाला-मुकुट कारोबारी कृष्णकुमार अग्रवाल पर हमला व उनकी पत्नी कल्पना की हत्या कर लूट करने के मुख्य आरोपी और एनकाउंटर में ढेर हो चुके फारुख पर छह पुलिसकर्मियों द्वारा गोलियां चलाई गईं। सभी ने एक-एक फायर किया, इनमें से चार गोलियां फारुख को लगीं। इंस्पेक्टर हाईवे थाना ने फारुख पर मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें आरोप लगाया है कि वह भागने के लिए पुलिस पर लगातार फायरिंग कर रहा था।
इंस्पेक्टर उमेश चंद त्रिपाठी ने के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा शनिवार रात को सूचना दी गई थी कि फारुख गोवर्धन चौराहा से भरतपुर जाने की फिराक में खड़ा है। कारोबारी के घर से लूटी गई कार उसी के पास है। पुलिस ने गोवर्धन रोड स्थित दतिया गांव के सामने भोले सत्संग मैदान के पास बैरियर व वैकल्पिक संसाधनों से रोड अवरुद्ध कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान इनोवा कार आई, जिसे मुखबिर ने पहचान कर इशारा किया।
पुलिस ने बैरियर लगाकर कार रोकना चाही। चालक ने कार को तेजी से बायीं तरफ मोड़ दिया। पुलिस ने पीछा किया। सड़क से करीब 400 मीटर की दूरी पर मैदान में आगे दीवार के कारण भागने का रास्ता न मिलने पर ड्राइवर गाड़ी से उतरकर भागने लगा। पुलिस भी अपने वाहनों से उतरकर पीछा करने लगी। पुलिस ने रुकने की चेतावनी दी। मगर, वह नहीं रुका और एकाएक फायर करने लगा।
विज्ञापन
एक गोली खुद इंस्पेक्टर उमेश चंद त्रिपाठी और दूसरी एसओजी प्रभारी राकेश कुमार की बुलट प्रूफ जैकेट में लगी। जवाबी कार्रवाई में इंस्पेक्टर उमेश चंद, एसओजी प्रभारी राकेश कुमार, एसआई रविंद्र बाबू, हेड कांस्टेबल दुर्विजय सिंह, पीतांबर सिंह, दीपक पचौरी द्वारा अपनी सरकारी पिस्टल से एक-एक फायर अलग-अलग दिशा से किया गया। इसके कुछ देर बाद फारुख की ओर से फायरिंग रुक गई। फारुख के पास पुलिस पहुंची, तो देखा कि उसके गोली लगी थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के फारुख की मौत चार गोलियां लगने से हुई। तीन गोलियां दिल के नजदीक बायीं ओर लगीं, जिनमें से दो शरीर को भेदते हुए पार हो गईं। वहीं, एक गोली दिल के नजदीक फंसी पाई गई। इसके अलावा एक गोली माथे पर बायीं आंख के ऊपर लगना पाया गया, वो गोली भी सिर के भेदते हुए पार हो गई थी।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर उमेश चंद त्रिपाठी ने के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा शनिवार रात को सूचना दी गई थी कि फारुख गोवर्धन चौराहा से भरतपुर जाने की फिराक में खड़ा है। कारोबारी के घर से लूटी गई कार उसी के पास है। पुलिस ने गोवर्धन रोड स्थित दतिया गांव के सामने भोले सत्संग मैदान के पास बैरियर व वैकल्पिक संसाधनों से रोड अवरुद्ध कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान इनोवा कार आई, जिसे मुखबिर ने पहचान कर इशारा किया।
विज्ञापन
पुलिस ने बैरियर लगाकर कार रोकना चाही। चालक ने कार को तेजी से बायीं तरफ मोड़ दिया। पुलिस ने पीछा किया। सड़क से करीब 400 मीटर की दूरी पर मैदान में आगे दीवार के कारण भागने का रास्ता न मिलने पर ड्राइवर गाड़ी से उतरकर भागने लगा। पुलिस भी अपने वाहनों से उतरकर पीछा करने लगी। पुलिस ने रुकने की चेतावनी दी। मगर, वह नहीं रुका और एकाएक फायर करने लगा।
विज्ञापन
एक गोली खुद इंस्पेक्टर उमेश चंद त्रिपाठी और दूसरी एसओजी प्रभारी राकेश कुमार की बुलट प्रूफ जैकेट में लगी। जवाबी कार्रवाई में इंस्पेक्टर उमेश चंद, एसओजी प्रभारी राकेश कुमार, एसआई रविंद्र बाबू, हेड कांस्टेबल दुर्विजय सिंह, पीतांबर सिंह, दीपक पचौरी द्वारा अपनी सरकारी पिस्टल से एक-एक फायर अलग-अलग दिशा से किया गया। इसके कुछ देर बाद फारुख की ओर से फायरिंग रुक गई। फारुख के पास पुलिस पहुंची, तो देखा कि उसके गोली लगी थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के फारुख की मौत चार गोलियां लगने से हुई। तीन गोलियां दिल के नजदीक बायीं ओर लगीं, जिनमें से दो शरीर को भेदते हुए पार हो गईं। वहीं, एक गोली दिल के नजदीक फंसी पाई गई। इसके अलावा एक गोली माथे पर बायीं आंख के ऊपर लगना पाया गया, वो गोली भी सिर के भेदते हुए पार हो गई थी।