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Mathura News: श्रीकृष्ण ने कुसुम वन में गूंथी थी राधा की चोटी
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राधाकुंड। श्रीमद्भागवत में उल्लेख है कि कुसुम सरोवर ही पूर्व में कुसुम वन था। भगवान श्रीकृष्णा और राधा की यह मिलन स्थली है। यहां गुलाब, चमेली, जूही, चंपा के बाग थे। यहीं श्रीकृष्ण ने राधा रानी की चोटी गूंथी और पुष्पों से शृंगार किया था। यहां 3 एकड़ में गुलाब बाग मौजूद है लेकिन वर्तमान में उसमें बबूल के वृक्ष दिखाई देते हैं।
महंत राधा मोहन दास रघुनाथ सिद्ध ने बताया कि कहा कि राधाकुंड परिक्रमा मार्ग में बना कुसुम सरोवर का का बेजोड़ संगम है। बताया कि इस स्थल का निर्माण महाराज जवाहर सिंह ने अपने पिता सूरजमल की स्मृति में करवाया था। 1675 से पहले यहां कच्चा कुंड था। जिसे ओरछा के राजवीर सिंह ने पक्का कराया। राजा सूरजमल ने रानी किशोरी के लिए इसका हरित सिंगर कर बगीचे का रूप दिया।
बाद में जवाहर सिंह ने माता-पिता के स्मारक का निर्माण कराया। स्मारक के बगल में दोनों ओर छोटे आकार में उनकी रानी हसिया और किशोरी की छतरियां बनी हुई हैं। इस इमारत के सामने 460 फीट का वर्ग आकर कुंड बना हुआ है। इसी को कुसुम सरोवर कहा जाता है। संवाद
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महंत राधा मोहन दास रघुनाथ सिद्ध ने बताया कि कहा कि राधाकुंड परिक्रमा मार्ग में बना कुसुम सरोवर का का बेजोड़ संगम है। बताया कि इस स्थल का निर्माण महाराज जवाहर सिंह ने अपने पिता सूरजमल की स्मृति में करवाया था। 1675 से पहले यहां कच्चा कुंड था। जिसे ओरछा के राजवीर सिंह ने पक्का कराया। राजा सूरजमल ने रानी किशोरी के लिए इसका हरित सिंगर कर बगीचे का रूप दिया।
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बाद में जवाहर सिंह ने माता-पिता के स्मारक का निर्माण कराया। स्मारक के बगल में दोनों ओर छोटे आकार में उनकी रानी हसिया और किशोरी की छतरियां बनी हुई हैं। इस इमारत के सामने 460 फीट का वर्ग आकर कुंड बना हुआ है। इसी को कुसुम सरोवर कहा जाता है। संवाद
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