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दुकानें हुईं बंद, अफरातफरी का बना माहौल
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कोसीकलां। अग्निपथ योजना को लेकर प्रशासन युवाओं के इरादों को भांपने में असफल रहा। बृहस्पतिवार को निकाले गए जुलूस को पुलिस प्रशासन ने हल्के में लेकर शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज की तैयारियों में जुटा रहा। युवाओं द्वारा लिंक रोड पर वाहनों पर पथराव करने के बाद बाजार में दुकानदारों ने धड़ाधड़ शटर गिराने शुरू कर दिए। दुकान बंद कर दी। यह खबर पूरे बाजार में बाजार में फैल गई।
बाद में थाना प्रभारी को जब पता लगा तो उन्होंने एनांउसमेंट करके दुकानदारों से दुकान खोलने की अपील की, तब जाकर दुकानें खुलीं। लिंक रोड पर पड़े पत्थर और ईंट पथराव की गवाह बनी हुई थी। दोहरे आंदोलन के कारण शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह से तनाव ग्रस्त था। एक ओर अग्निपथ योजना को लेकर हाईवे जाम, पत्थरबाजी जैसा आंदोलन तो दूसरी ओर जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की चिंता अधिकारियों को तनाव ग्रस्त बना रही थी लेकिन समय से आंदोलन समाप्त होने एवं शांति पूर्ण नमाज होने के बाद अधिकारी चिंता मुक्त हुए। संवाद
राजमार्ग पर जाम से यात्री हुए परेशान
हाईवे जाम के चलते यात्री जाम खुलने की प्रतीक्षा में खड़े रहे। आलम यह रहा कि वाहनों में यात्रा कर रहे लोग जाम के दौरान वाहनों में ही बैठे रहे कि न जाने कब जाम अचानक खुल जाए, लोग मजबूरी में वाहनों से नहीं उतरे। चाय पान के लिए भी परेशान दिखे। उमस भरी गर्मी में यात्री पीने के पानी के लिए तरस गए। चार घंटे में जाम कोटवन पुलिस चौकी तक और गौहारी तक पहुंच गया।
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मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
शुक्रवार को चार घंटे तक हाईवे पर बवाल के बाद पुलिस आंदोलनकारियों के मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। जबकि एसडीएम कमलेश गोयल ने कई बार युवाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन युवा नहीं मानें और जिद पर अड़े रहे। इसके पीछे माना जा रहा हैं कि युवाओं को आंदोलन के लिए बहका कर उत्तेजित किया गया होगा। ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसने युवाओं को उकसाया होगा। एसपी ग्रामीण श्रीश चंद का कहना था कि पुलिस हर पहलू से जांच करने में जुटी है। जांच में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
नकाब उतरवाते ही युवक हुए आक्रोशित
हाईवे पर जाम के दौरान युवाओं के नकाब जब पुलिस ने उतरवाने शुरू कराए तो युवा आक्रोशित हो गए। युवाओं के कंधे पर लटके थैलों से निकले पत्थर पुलिस पर फेंकने लगे। तब जाकर पुलिस ने जवाब में लाठी चार्ज किया और अश्रुगैस के गोले छोडे़। तब जाकर पांच घंटे में राजमार्ग को जाम से मुक्ति मिल सकी।
कॉल डिटेल खंगालेगी पुलिस
बिना नेतृत्वकर्ता के कैसे भीड़ एकत्रित हो गई, इसके बारे में जानकारी कुछ लोगों को चिंन्हित कर पुलिस उनकी कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है। कॉल डिटेल से पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।
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बाद में थाना प्रभारी को जब पता लगा तो उन्होंने एनांउसमेंट करके दुकानदारों से दुकान खोलने की अपील की, तब जाकर दुकानें खुलीं। लिंक रोड पर पड़े पत्थर और ईंट पथराव की गवाह बनी हुई थी। दोहरे आंदोलन के कारण शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह से तनाव ग्रस्त था। एक ओर अग्निपथ योजना को लेकर हाईवे जाम, पत्थरबाजी जैसा आंदोलन तो दूसरी ओर जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की चिंता अधिकारियों को तनाव ग्रस्त बना रही थी लेकिन समय से आंदोलन समाप्त होने एवं शांति पूर्ण नमाज होने के बाद अधिकारी चिंता मुक्त हुए। संवाद
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राजमार्ग पर जाम से यात्री हुए परेशान
हाईवे जाम के चलते यात्री जाम खुलने की प्रतीक्षा में खड़े रहे। आलम यह रहा कि वाहनों में यात्रा कर रहे लोग जाम के दौरान वाहनों में ही बैठे रहे कि न जाने कब जाम अचानक खुल जाए, लोग मजबूरी में वाहनों से नहीं उतरे। चाय पान के लिए भी परेशान दिखे। उमस भरी गर्मी में यात्री पीने के पानी के लिए तरस गए। चार घंटे में जाम कोटवन पुलिस चौकी तक और गौहारी तक पहुंच गया।
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मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
शुक्रवार को चार घंटे तक हाईवे पर बवाल के बाद पुलिस आंदोलनकारियों के मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। जबकि एसडीएम कमलेश गोयल ने कई बार युवाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन युवा नहीं मानें और जिद पर अड़े रहे। इसके पीछे माना जा रहा हैं कि युवाओं को आंदोलन के लिए बहका कर उत्तेजित किया गया होगा। ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसने युवाओं को उकसाया होगा। एसपी ग्रामीण श्रीश चंद का कहना था कि पुलिस हर पहलू से जांच करने में जुटी है। जांच में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
नकाब उतरवाते ही युवक हुए आक्रोशित
हाईवे पर जाम के दौरान युवाओं के नकाब जब पुलिस ने उतरवाने शुरू कराए तो युवा आक्रोशित हो गए। युवाओं के कंधे पर लटके थैलों से निकले पत्थर पुलिस पर फेंकने लगे। तब जाकर पुलिस ने जवाब में लाठी चार्ज किया और अश्रुगैस के गोले छोडे़। तब जाकर पांच घंटे में राजमार्ग को जाम से मुक्ति मिल सकी।
कॉल डिटेल खंगालेगी पुलिस
बिना नेतृत्वकर्ता के कैसे भीड़ एकत्रित हो गई, इसके बारे में जानकारी कुछ लोगों को चिंन्हित कर पुलिस उनकी कॉल डिटेल खंगालने में जुटी है। कॉल डिटेल से पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।