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Mathura News: शिक्षामित्रों की हो सकेगी मूल विद्यालयों में वापसी
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मथुरा। 1536 परिषदीय विद्यालयों में तैनात 1620 शिक्षामित्रों को शासन के निर्देश के बाद उन्हें मूल विद्यालय (पहले तैनाती स्थल) पर भेजने के लिए सूची मांगी है। इसके लिए शिक्षा मित्र संघ लंबे समय से आंदोलन कर मांग कर रहा था।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि महिला शिक्षा मित्रों को दोहरा लाभ मिलेगा वह अपनी ससुराल में भी तैनाती पा सकेंगी। वहीं शिक्षा मित्रों को वर्तमान में कार्यरत विद्यालयों में तैनात रहने का भी विकल्प मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्रों के लिए राहत की खबर है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनकी सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद इनको जहां ये पहले थे वहां पर तैनाती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में 2001 से 2008 तक शिक्षा मित्रों की तैनाती की गई थी।
इसमें अधिकतर शिक्षामित्रों की पहली तैनाती उनके गांव में ही की गई थी। इसके बाद समायोजन में उनको जिले के दूसरे ब्लॉकों में 50 से 90 किलोमीटर दूर भेज दिया गया था। राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के जिला मीडिया प्रभारी गोवर्धन गुप्ता ने बताया कि शिक्षामित्रों को उनके मूल स्थान पर तैनाती से उन्हें लाभ मिलेगा। उनका 10 हजार वेतन वर्तमान में आने-जाने में ही खर्च हो रहा था। बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि शासन से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुरूप काम किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि महिला शिक्षा मित्रों को दोहरा लाभ मिलेगा वह अपनी ससुराल में भी तैनाती पा सकेंगी। वहीं शिक्षा मित्रों को वर्तमान में कार्यरत विद्यालयों में तैनात रहने का भी विकल्प मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्रों के लिए राहत की खबर है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनकी सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद इनको जहां ये पहले थे वहां पर तैनाती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में 2001 से 2008 तक शिक्षा मित्रों की तैनाती की गई थी।
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इसमें अधिकतर शिक्षामित्रों की पहली तैनाती उनके गांव में ही की गई थी। इसके बाद समायोजन में उनको जिले के दूसरे ब्लॉकों में 50 से 90 किलोमीटर दूर भेज दिया गया था। राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के जिला मीडिया प्रभारी गोवर्धन गुप्ता ने बताया कि शिक्षामित्रों को उनके मूल स्थान पर तैनाती से उन्हें लाभ मिलेगा। उनका 10 हजार वेतन वर्तमान में आने-जाने में ही खर्च हो रहा था। बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि शासन से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुरूप काम किया जाएगा।
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