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जुर्माना न भरने पर सेवायत की सुविधाएं रोकी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 02 Feb 2015 12:06 AM IST
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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत द्वारा सात श्रद्धालुओं को मंदिर के जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से दर्शन कराने पर लगा जुर्माना न जमा कराने पर उसकी सेवाएं रोक दी गई हैं। जुर्माना जमा करने की समय सीमा 27 जनवरी को समाप्त हो चुकी है।
बता दें कि 20 जनवरी को शयनभोग के सेवायत सुमित गोस्वामी ने शाम 5.10 से 5.15 बजे तक मंदिर के जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से 7 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए थे। परंपरा के विरुद्ध कृत्य होने के कारण मंदिर प्रबंधन ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सेवायत को नोटिस जारी कर 20 हजार रुपये प्रत्येक श्रद्धालु के हिसाब से 1 लाख 40 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया था।
साथ ही मंदिर प्रबंधन ने चेतावनी भी दी थी कि अगर 7 दिन में सेवायत ने दंड की रकम जमा नहीं कराई तो मंदिर की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त कर दीं जाएंगी। प्रबंध समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने बताया कि सुमित गोस्वामी ने नियत सात दिन की समय अवधि में जुर्माना की राशि जमा नहीं की। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने सेवायत को मंदिर की ओर से मिलने वाली सुविधाएं जैसे बच्चों की शिक्षा, मुंडन संस्कार, विवाह, जनेऊ, वृद्धा पेंशन आदि को रोक दिया है।
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बता दें कि 20 जनवरी को शयनभोग के सेवायत सुमित गोस्वामी ने शाम 5.10 से 5.15 बजे तक मंदिर के जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से 7 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए थे। परंपरा के विरुद्ध कृत्य होने के कारण मंदिर प्रबंधन ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सेवायत को नोटिस जारी कर 20 हजार रुपये प्रत्येक श्रद्धालु के हिसाब से 1 लाख 40 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया था।
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साथ ही मंदिर प्रबंधन ने चेतावनी भी दी थी कि अगर 7 दिन में सेवायत ने दंड की रकम जमा नहीं कराई तो मंदिर की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त कर दीं जाएंगी। प्रबंध समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने बताया कि सुमित गोस्वामी ने नियत सात दिन की समय अवधि में जुर्माना की राशि जमा नहीं की। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने सेवायत को मंदिर की ओर से मिलने वाली सुविधाएं जैसे बच्चों की शिक्षा, मुंडन संस्कार, विवाह, जनेऊ, वृद्धा पेंशन आदि को रोक दिया है।
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