Sawan 2020: दूसरे सोमवार को मंदिरों में हुआ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक
गर्तेश्वर महादेव मंदिर की खासी मान्यता है। जहां पर भोर से ही शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर बेलपत्र आदि अर्पित किए। वहीं, सोमवार को अष्टमी तिथि होने के कारण महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ के साथ मां गौरा का विधिवत पूजन किया। शाम को रंगेश्वर मंदिर में सेवायतों द्वारा बाबा भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया गया।
आचार्य श्याम दत्त चतुर्वेदी के अनुसार भगवान शिव ने समस्त पृथ्वीवासियों को ये वरदान दिया था कि सावन के सोमवार में जो भी व्यक्ति उनकी पूजा-अर्चना करेगा उसे मुंह मांगा वरदान देंगे। सावन में सुहागिनों द्वारा भगवान शिव की पूजा करने से सुहाग सलामत रहता है। कुंवारी कन्याओं के पूजा करने से अच्छा और मनचाहा वर मिलता है।