फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Search for Rare Manuscripts of Braj's Saints and Poets

Mathura News: ब्रज के संत और कवियों की दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
Search for Rare Manuscripts of Braj's Saints and Poets
मथुरा। ब्रज के मंदिरों और निजी संग्रहों में 17वीं-18वीं सदी की ब्रजभाषा, संस्कृत और फारसी की दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज की जा रही है। दुर्लभ पांडुलिपियों को सहेज कर इनका डिजिटाइजेशन किया जाएगा। विकास विभाग के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। यह शोधार्थियों के लिए खासा मददगार होगा और इनका संरक्षण भी बेहतर हो सकेगा।
विज्ञापन

ब्रजभाषा के जाने-माने कवि सूरदास, कृष्ण भक्ति के प्रसिद्ध कवि रसखान, बिहारी सतसई के रचयिता बिहारी लाल, रीतिकालीन कवि केशवदास, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना, प्रेम की पीर कवि घनानंद, गीतावली, विनय पत्रिका और कवितावली में ब्रज भाषा का प्रयोग करने वाले तुलसीदास, अष्टछाप के कवि कुंभनदास, परमानंददास, कृष्णदास और मीरा बाई के पद भी ब्रजभाषा में हैं। साथ ही चौरासी वैष्णवन की वार्ता को ब्रज भाषा में लिखने में गोकुलनाथ का योगदान भी रहा है।
विज्ञापन

इनके अलावा, मध्यकाल में संत कवि कबीर, रैदास और गुरु नानक ने अपनी रचनाओं में ब्रजभाषा का प्रयोग किया है। इनके द्वारा हस्त लिखित पांडुलिलियों को प्रशासन द्वारा खोजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने में की अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। प्राचीन मठ, मंदिरों और पुस्तकालयों में इन्हें खोजा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन के तहत पुरानी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व की हस्तलिखित सामग्रियों (भोजपत्र, ताड़पत्र, कागज, धातुपत्र आदि) को तलाशने का काम किया जा रहा है, ताकि इनका डिजिटलाइजेशन करके इन्हें सर्वसुलभ बनाया जा सके। इसके साथ ही इन साहित्यिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed