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धवल चांदनी में ठाकुर बांकेबिहारी मोर मुकुट धारण कर देंगे दर्शन
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में 13 अक्तूबर को ठाकुर बांकेबिहारी धवल चांदनी में स्वर्ण रजत जड़ित सिंहासन पर दर्शन देंगे। वर्ष में एक बार होने वाले इस विशेष दर्शन में ठाकुर जी सिर पर मोर मुकुट, मुख बार बांसुरी धारण करेंगे। मंदिर के सेवायत गोस्वामी शरदोत्सव की तैयारी कर रहे हैं। इस दिन प्रभु राजभोग सेवा और शयन भोग सेवा के समय एक-एक घंटे अतिरिक्त समय भक्तों को दर्शन देंगे।
मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि शरदोत्सव पर बांकेबिहारी महाराज सोने, चांदी व हीरों से जड़ित विशेष मुकुट सिर पर धारण करेंगे। सेवायत गोस्वामी द्वारा सफेद चंद्रकला और खीर का विशेष भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। राजभोग सेवा और शयन भोग सेवा के समय एक-एक घंटे अतिरिक्त समय में भक्तों को दर्शन देंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि शरदोत्सव पर बांकेबिहारी के विशेष दर्शन करने के लिए देवता भी आते हैं। उनके लिए मंदिर के चौक के ऊपर लगा शटर हटा दिया जाता है। जिससे चंद्रमा की धवल चांदनी ठाकुर बांकेबिहारी के मुख पर आती है। उन्होंने बतया कि इस रात समय-समय पर मंदिर के अंदर की बिजली कुछ समय के लिए बंद कर दी जाती है। जिससे देवी-देवताओं को आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन हो सकेें।
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इन मंदिरों में भी होंगे शरदोत्सव पर विशेष दर्शन
वृंदावन। शरदोत्सव पर ठा. बांकेबिहारी के अलावा ठा. राधाबल्लभ मंदिर, ठा. राधासनेह बिहारी, शाहजी मंदिर, श्रीजी की बड़ी कुंज, प्रेम मंदिर, यशोदानंदन धाम आदि मंदिरों में भी शरदोत्सव पर भगवान श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
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मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि शरदोत्सव पर बांकेबिहारी महाराज सोने, चांदी व हीरों से जड़ित विशेष मुकुट सिर पर धारण करेंगे। सेवायत गोस्वामी द्वारा सफेद चंद्रकला और खीर का विशेष भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। राजभोग सेवा और शयन भोग सेवा के समय एक-एक घंटे अतिरिक्त समय में भक्तों को दर्शन देंगे।
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उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि शरदोत्सव पर बांकेबिहारी के विशेष दर्शन करने के लिए देवता भी आते हैं। उनके लिए मंदिर के चौक के ऊपर लगा शटर हटा दिया जाता है। जिससे चंद्रमा की धवल चांदनी ठाकुर बांकेबिहारी के मुख पर आती है। उन्होंने बतया कि इस रात समय-समय पर मंदिर के अंदर की बिजली कुछ समय के लिए बंद कर दी जाती है। जिससे देवी-देवताओं को आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन हो सकेें।
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इन मंदिरों में भी होंगे शरदोत्सव पर विशेष दर्शन
वृंदावन। शरदोत्सव पर ठा. बांकेबिहारी के अलावा ठा. राधाबल्लभ मंदिर, ठा. राधासनेह बिहारी, शाहजी मंदिर, श्रीजी की बड़ी कुंज, प्रेम मंदिर, यशोदानंदन धाम आदि मंदिरों में भी शरदोत्सव पर भगवान श्वेत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।