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रामजन्म भूमि आंदोलन में भाग लेने वाले संतों को ही मिले ट्रस्ट में स्थान

Mon, 18 Nov 2019 08:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2019 08:30 PM IST
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मथुरा। वृंदावन के बंगाल कुंज में संत सम्मेलन में मौजूद संत महंत। - फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। अखिल भारतीय चतु: संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद द्वारा वंशीवट क्षेत्र स्थित बंगाल कुंज में संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें संत महंतों ने शासन से मांग की है कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट में वृंदावन के उन्हीं संतों को रखा जाए जिन्होंने रामजन्म भूमि आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लिया था।
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सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे परिषद के अध्यक्ष महंत जयराम दास एवं महंत फूलडोल बिहारी दास ने कहा कि संतों एवं ब्रजवासियों ने तन, मन, धन से रामजन्म भूमि आंदोलन में भाग लिया था, जिसका निर्णय सर्वोच्च अदालत द्वारा रामलला के पक्ष में सुनाकर देशवासियों की आस्था व श्रद्धा का सम्मान किया है।
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महंत राम रामस्वरूप दास ब्रह्मचारी ने कहा कि राम जन्म भूमि ट्रस्ट में वृंदावन के उन संतों को सम्मान मिलना चाहिए, जिन्होंने रामजन्म भूमि आंदोलन में हिस्सा लिया था। महंत सच्चिदानंद दास, महंत श्यामसुंदर दास ने कहा कि वृंदावन के संत समाज को राम मंदिर मामले में उचित प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वृंदावन कुंभ मेला क्षेत्र को संरक्षित किया जाए, वृंदावन कुंभ मेला को राजकीय मेला घोषित किया जाए। अंत में रामशंकर दास को चतु: संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद व अनी अखाड़ों द्वारा महंताई की चादर प्रदान की गई।
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सम्मेलन में महंत सच्चिदानंद दास, महंत श्यामसुंदर दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत लक्ष्मण दास, शांति दास, बलराम दास, महंत सुतीक्ष्ण दास, अखिल भरतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बिहारी लाल वशिष्ठ आदि उपस्थित थे।
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