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Mathura News: आज निकलेगा सनातन गोस्वामी का डोला
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मथुरा। मुड़िया संत सनातन गोस्वामी का डोला रविवार को निकालेंगे। यह डोला एक किलोमीटर में घुमाया जाएगा। साथ ही श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी का निशान लेकर अनुयायी 21 की परिक्रमा लगाएंगे।
चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत गोपालदास ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे से हरिनाम संकीर्तन आरंभ हुआ। यह सुबह 6 बजे तक निरंतर चलेगा। रविवार को रघुनाथ दास गोस्वामी का मुड़िया मेला का निशान चिन्ह मंडली के साथ कीर्तन करते हुए संत चकलेश्वर भजन कुटीर में लेकर पहुंचेंगे। वहां पूजन आदि के बाद दोपहर बाद 4 बजे मुड़िया मेले का शुभारंभ होगा। राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास की अगुवाई में पहला डोला सुबह 10 बजे निकलेगा। शाम को 5 बजे से चैतन्य महाप्रभु मंदिर से महंत गोपालदास महाराज की अगुवाई में प्राचीन डोला निकलेगा।
मुड़िया संत डोले को एक किलोमीटर में घुमाएंगे। इसे लेकर मानसी गंगा स्थित चकलेश्वर मंदिर से दसविसा, हरदेव मंदिर, सौंख अड्डा, दानघाटी, बड़ा बाजार, मोदी खाना, हाथी दरवाजा, छोटी परिक्रमा होते हुए वापस चकलेश्वर मंदिर पर पहुंचेंगे। राधारमण दास, कृष्णदास व अन्य संत व वेदपाटी विद्यार्थी श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी का निशान लेकर 21 किमी की परिक्रमा लगाएंगे। यह सुबह 8.30 बजे राधाकुंड स्थित श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी से शुरू होगी। इन संतों के हाथ में ढोल, मजीरा, मृदंग, करताल, हरमोनियम आदि होंगे हैं। नाचते-गाते हुए परिक्रमा को पूरी करते हुए 468 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन करेंगे।
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श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के 36वें पीठाधीश्वर महंत केशव महाराज ने बताया कि अभी उस प्राचीन परंपरा के तहत ही मुड़िया शोभायात्रा में शामिल होने के लिए श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी की समाधि से संत व शिष्य परिक्रमा को जाते हैं। शाम को यह सभी चकलेश्वर, गोवर्धन स्थित सनातन गोस्वामी भजन कुटीर एवं चैतन्य महाप्रभु मंदिर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा में शामिल होंगे।
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चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत गोपालदास ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे से हरिनाम संकीर्तन आरंभ हुआ। यह सुबह 6 बजे तक निरंतर चलेगा। रविवार को रघुनाथ दास गोस्वामी का मुड़िया मेला का निशान चिन्ह मंडली के साथ कीर्तन करते हुए संत चकलेश्वर भजन कुटीर में लेकर पहुंचेंगे। वहां पूजन आदि के बाद दोपहर बाद 4 बजे मुड़िया मेले का शुभारंभ होगा। राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास की अगुवाई में पहला डोला सुबह 10 बजे निकलेगा। शाम को 5 बजे से चैतन्य महाप्रभु मंदिर से महंत गोपालदास महाराज की अगुवाई में प्राचीन डोला निकलेगा।
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मुड़िया संत डोले को एक किलोमीटर में घुमाएंगे। इसे लेकर मानसी गंगा स्थित चकलेश्वर मंदिर से दसविसा, हरदेव मंदिर, सौंख अड्डा, दानघाटी, बड़ा बाजार, मोदी खाना, हाथी दरवाजा, छोटी परिक्रमा होते हुए वापस चकलेश्वर मंदिर पर पहुंचेंगे। राधारमण दास, कृष्णदास व अन्य संत व वेदपाटी विद्यार्थी श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी का निशान लेकर 21 किमी की परिक्रमा लगाएंगे। यह सुबह 8.30 बजे राधाकुंड स्थित श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी से शुरू होगी। इन संतों के हाथ में ढोल, मजीरा, मृदंग, करताल, हरमोनियम आदि होंगे हैं। नाचते-गाते हुए परिक्रमा को पूरी करते हुए 468 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन करेंगे।
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श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के 36वें पीठाधीश्वर महंत केशव महाराज ने बताया कि अभी उस प्राचीन परंपरा के तहत ही मुड़िया शोभायात्रा में शामिल होने के लिए श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी की समाधि से संत व शिष्य परिक्रमा को जाते हैं। शाम को यह सभी चकलेश्वर, गोवर्धन स्थित सनातन गोस्वामी भजन कुटीर एवं चैतन्य महाप्रभु मंदिर से निकाली जाने वाली शोभायात्रा में शामिल होंगे।