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प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत: आश्रम में मिली प्राइवेट पार्ट कटी लाश, संतों ने उठाए सवाल; CBI जांच की मांग

Sat, 26 Sep 2026 06:45 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sat, 26 Sep 2026 06:45 PM IST
सार

वृंदावन के आश्रम में संदिग्ध परिस्थिति में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की माैत पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। साधु-संतों ने इस तरह की घटना  पर चिंता जताई है। साथ ही मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। 

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Saints demand CBI probe in death of disciple of Premanand Maharaj at vrindavan in mathura
दिनेश फलाहारी महाराज ने की सीबीआई जांच की मांग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर वृंदावन के साधु-संतों के बीच कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ संतों ने घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए इसे हत्या की आशंका से जोड़कर देखा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि वृंदावन में देशभर से लाखों साधु-संत तपस्या और साधना के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि यह भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा भूमि है और यहां इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है।
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दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि साधु के शरीर पर चोट के निशान और कपड़ों पर खून के निशान मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने इन परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। हालांकि घटना की वास्तविक वजह और मौत की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, महामंडलेश्वर राधानंद गिरी ने कहा कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य के साथ कोई अनहोनी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की सघन जांच किए जाने की मांग की ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके। महंत पवन गिरी महाराज ने भी घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानना उचित नहीं है और साधु के साथ घटना होने की आशंका है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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ये थी पूरी घटना
वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने जान दे दी थी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फाॅरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।

 

पुलिस के अनुसार, वराह घाट के पास गऊ कृपा कुंज के नाम से आश्रम हैं। यहां संत प्रेमानंद महाराज के करीब 40- 50 साधक रहते हैं। चार मंजिल के इस कुंज में रहकर साधक राधारानी की उपासना कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल से एक साधक ने छलांग लगा दी। आश्रम से करीब छह फुट की दूरी पर वह सड़क पर गिरे। उनके गिरते ही अफरा तफरी मच गई। उनकी पहचान जबलपुर के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण के रूप में हुई। आश्रम में रहने वाले अन्य साधक तुरंत ही गाड़ी से उन्हें अस्पताल लेकर भागे। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

 

साधक की धोती कमर से नीचे खून से लथपथ हो रही थी और उनके मुंह से खून निकल रहा था। चिकित्सकों ने जांच की तो देखा उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने साधक के शव को पोस्टमार्टम गृह पर भेजा और जांच के लिए आश्रम पहुंच गई। थाना पुलिस की सूचना एसपी सिटी राजीव सिंह और सीओ वृंदावन संदीप सिंह भी पहुंच गए। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि साधक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जांच स्पष्ट हो जाएगी।



 
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