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अब मधुमेह से ‘जंग’ करेगा संघ
पुनीत शर्मा
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:54 PM IST
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अब संघ मधुमेह से ‘जंग’ करेगा। इसके लिए दीनदयाल धाम, चित्रकूट और गोंडा में जड़ी-बूटियों से दवाएं तैयार की जा रही हैं। दवाओं को जगह-जगह कैंप लगाकर सस्ते दामों पर बेचा जाएगा। इनके साथ ही मधुमेह के मरीजों को डाइट चार्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा। कुछ दवाएं तो पहले से चल रही हैं जबकि कुछ पर काम चल रहा है।
भारत में मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तकरीबन 6,20,00,000 लोग इस रोग से पीड़ित हैं। मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं। ट्रीटमेंट भी खासा महंगा है। गरीब लोग तो इलाज करा ही नहीं पाते हैं।
अब ऐसे मधुमेह के मरीजों के लिए संघ ने जड़ी-बूटियों से दवाएं तैयार करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए आयुर्वेद के जानकारों का सहयोग लिया जा रहा है। मथुरा के दीनदयाल धाम से इसकी शुरुआत की गई है। दीनदयाल धाम पर फिलहाल ‘मधुनाशक’ के नाम से पाउडर तैयार किया गया है। मधुमेह को कंट्रोल करने वाली 12 जड़ी-बूटियों को मिलाकर टेबलेट बनाई जा रही है। इस टेबलेट को जल्द ही लांच कर दिया जाएगा।
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दीनदयाल धाम के साथ ही गोंडा में जयप्रभा केंद्र पर भी मधुमेह कंट्रोल करने वाली दवाएं तैयार की जा रही हैं। इन दवाओं का शरीर पर किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी पदम सिंह ने बताया कि कुछ दवाएं और पाउडर तो पहले से ही तैयार किए जा रहे हैं जबकि कुछ नए और लाने की तैयारी की जा रही है। यह दवाएं अंग्रेजी दवाओं से बहुत सस्ती हैं। गरीब लोग आसानी से खरीद सकते हैं।
मधुमेह पर नियंत्रण के टिप्स देंगे एक्सपर्ट
संघ ने इस मुहिम के लिए अपने साथ कुछ एक्सपर्ट भी जोडे़ हैं। ये लोग गांव और बस्तियों में जाकर लोगों को बताएंगे कि किस तरह से मधुमेह को नियंत्रित रखा जा सकता है। लोगों को क्या खाना चाहिए और किससे परहेज करना चाहिए इसकी भी जानकारी कैंप लगाकर दी जाएगी। व्यायाम और योग के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा।
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भारत में मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तकरीबन 6,20,00,000 लोग इस रोग से पीड़ित हैं। मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं। ट्रीटमेंट भी खासा महंगा है। गरीब लोग तो इलाज करा ही नहीं पाते हैं।
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अब ऐसे मधुमेह के मरीजों के लिए संघ ने जड़ी-बूटियों से दवाएं तैयार करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए आयुर्वेद के जानकारों का सहयोग लिया जा रहा है। मथुरा के दीनदयाल धाम से इसकी शुरुआत की गई है। दीनदयाल धाम पर फिलहाल ‘मधुनाशक’ के नाम से पाउडर तैयार किया गया है। मधुमेह को कंट्रोल करने वाली 12 जड़ी-बूटियों को मिलाकर टेबलेट बनाई जा रही है। इस टेबलेट को जल्द ही लांच कर दिया जाएगा।
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दीनदयाल धाम के साथ ही गोंडा में जयप्रभा केंद्र पर भी मधुमेह कंट्रोल करने वाली दवाएं तैयार की जा रही हैं। इन दवाओं का शरीर पर किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी पदम सिंह ने बताया कि कुछ दवाएं और पाउडर तो पहले से ही तैयार किए जा रहे हैं जबकि कुछ नए और लाने की तैयारी की जा रही है। यह दवाएं अंग्रेजी दवाओं से बहुत सस्ती हैं। गरीब लोग आसानी से खरीद सकते हैं।
मधुमेह पर नियंत्रण के टिप्स देंगे एक्सपर्ट
संघ ने इस मुहिम के लिए अपने साथ कुछ एक्सपर्ट भी जोडे़ हैं। ये लोग गांव और बस्तियों में जाकर लोगों को बताएंगे कि किस तरह से मधुमेह को नियंत्रित रखा जा सकता है। लोगों को क्या खाना चाहिए और किससे परहेज करना चाहिए इसकी भी जानकारी कैंप लगाकर दी जाएगी। व्यायाम और योग के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा।