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पाक-चीन सीमा पर बसे गांवों से पलायन, संघ ने कहा- असुरक्षित हो जाएंगी सीमाएं
पुनीत शर्मा/ वृंदावन (मथुरा)
Updated Mon, 04 Sep 2017 04:23 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के आखिरी दिन पाकिस्तान और चीन सीमा पर बसे गांवों से पलायन बढ़ने पर चिंता जताई गई।
संघ ने सीमावर्ती गांवों में रोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। कहा कि नौजवानों को ‘योद्धा’ के रूप में स्थापित करना होगा ताकि संकट के समय में यह भी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो जाएं। पाक और चीन की सीमा पर बसे गांवों से पलायन हो रहा है।
संघ ने माना कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने में सिस्टम फेल साबित हुआ है। यदि यह गांव खाली हो जाएंगे तो सीमाओं की सुरक्षा करना बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इन गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार दे। शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाएं। उन्हें विश्वास दिलाया जाए कि वह वहां पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
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पढ़ें- संघ की मुहिम, चीन के सामान का हो बहिष्कार
महिलाओं को भी कुटीर उद्योग से जोड़ा जाए। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि सेना और सरकार तो देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में लगे ही हैं, आम आदमी की भी जिम्मेदारी है।
पलायन तभी होता है जब इंसान अपने परिवार को असुरक्षित मानने लगता है। पलायन रोकने के लिए सरकार को ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। संघ का सीमा जागरण मंच भी इसके लिए प्रयास करेगा।
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संघ ने सीमावर्ती गांवों में रोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। कहा कि नौजवानों को ‘योद्धा’ के रूप में स्थापित करना होगा ताकि संकट के समय में यह भी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो जाएं। पाक और चीन की सीमा पर बसे गांवों से पलायन हो रहा है।
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संघ ने माना कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने में सिस्टम फेल साबित हुआ है। यदि यह गांव खाली हो जाएंगे तो सीमाओं की सुरक्षा करना बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इन गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार दे। शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाएं। उन्हें विश्वास दिलाया जाए कि वह वहां पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
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महिलाओं को भी कुटीर उद्योग से जोड़ा जाए। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि सेना और सरकार तो देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में लगे ही हैं, आम आदमी की भी जिम्मेदारी है।
पलायन तभी होता है जब इंसान अपने परिवार को असुरक्षित मानने लगता है। पलायन रोकने के लिए सरकार को ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। संघ का सीमा जागरण मंच भी इसके लिए प्रयास करेगा।