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चोरी कठिन थी इसलिए लूट करने लगे
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 26 Apr 2016 10:52 PM IST
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पुलिस ने पकड़े वाहन चोर
- फोटो : अमर उजाला
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बलदेव पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए चार बदमाश आगरा, मथुरा और अलीगढ़ में वाहन और सर्राफा लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। पहले अपने इलाके में रैकी करते फिर सर्राफा व्यापारियों को लूट लेते। सुनसान इलाके में बाइक सवार भी उनका निशाना रहते।
उनसे बरामद 15 बाइक मथुरा, अलीगढ़ और आगरा में लूटी गई थीं। पकड़े गए बदमाशों के अनुसार पहले वे वाहन चोरी करते थे लेकिन चोरी में पकड़े जाने और पिटाई का अधिक खतरा होने से लूट की वारदातों को अंजाम देने लगे।
बलदेव पुलिस ने राजेश जाट निवासी गढ़ी कोरखारा राया, बनवारी निषाद उर्फ भोलू निवासी इटौली राया, दानवीर जाट निवासी मरोठा अलीगढ़ और सुनील उर्फ सुल्लन निषाद निवासी मुसमुना नौहझील को लूट की 15 मोटर साइकिल सहित पकड़ा था। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि लुटेरे अलीगढ़, मथुरा और आगरा में वारदात करते थे। उन पर वाहन लूट के 18 मामले दर्ज हैं।
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दानवीर जाट ने वर्ष 2013 में खंदौली में सर्राफ से चांदी लूट भी की थी। उसे कोतवाली मथुरा पुलिस ने इस मामले में पकड़ा था। उससे चांदी भी बरामद की गई थी। 16 फरवरी को इगलास, अलीगढ़ में सतीश सराफ को गोली मारकर लूटा था। आगरा के कागारौल कस्बे में 26 फरवरी को सुनार को गोली मारकर लूटा था। लुटेरों के कब्जे से दो तमंचा, रिवाल्वर और कारतूस बरामद किए हैं। खुलासे पर डीआईजी ने 10 और एसएसपी ने पांच हजार इनाम दिया है।
चाबी निकालते और बाइक गिरा देते
लुटेरे दानवीर, राजेश और बनवारी ने बताया कि बाइक चोरी करने में पिटने और पकड़े जाने का खतरा रहता है। इसकी तुलना में वाहन लूटना ज्यादा आसान है। लूट में मोबाइल, पैसा भी मिल जाता है। महिला साथ होती है तो उसके जेवर भी मिल जाते हैं। बोले, जब भी पईसा खत्म है जाए तबई गाड़ी लूट लें।
पुलिस के अनुसार लुटेरे सुनसान क्षेत्र में कोई बाइक देखते तो उसके बराबर में अपनी मोटर साइकिल ले आते और पीड़ित की बाइक की चाबी निकाल लेते। बाइक सवार जब तक कुछ समझता एक लुटेरा उसके चेहरे पर प्रहार करता और दूसरा बाइक को लात मारकर गिरा देता। इसके बाद बाइक सवार कुछ विरोध करने लायक ही नहीं रहता। थोड़ा-बहुत विरोध करता है तो उस पर तमंचा तान देते। बाइक, नकदी, मोबाइल लूटकर भाग जाते।
सुल्लन लाता था ग्राहक
पकड़े गए लुटेरों ने बताया कि राजेश, दानवीर तथा बनवारी लूट करते और सुल्लन गाड़ियों को अलीगढ़ और मथुरा के लोगों को पांच से छह हजार में बेच देता। सुल्लन का गांव मुसमुना यमुना के खादरों में है और वहां साल में एकाध बार ही पुलिस जाती है। वहीं चोरी की बाइक रखी जातीं। नौ बाइकें पुलिस ने मुसमुना से ही बरामद की थीं।
कम हो गया एक लुटेरा
पहले बताया गया था कि बलदेव पुलिस ने पांच लुटेरे पकड़े गए हैं। मंगलवार को एक लुटेरा कम हो गया और केवल चार लुटेरे गिरफ्तार दिखाए गए। इन लुटेरों की गिरफ्तारी भी दबिश के दौरान मुसमुना और गांव बिशम्भरा में बताई गई थी लेकिन मंगलवार को प्रेसवार्ता में लुटेरों की गिरफ्तारी यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या-140 के निकट से बताई गई।
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उनसे बरामद 15 बाइक मथुरा, अलीगढ़ और आगरा में लूटी गई थीं। पकड़े गए बदमाशों के अनुसार पहले वे वाहन चोरी करते थे लेकिन चोरी में पकड़े जाने और पिटाई का अधिक खतरा होने से लूट की वारदातों को अंजाम देने लगे।
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बलदेव पुलिस ने राजेश जाट निवासी गढ़ी कोरखारा राया, बनवारी निषाद उर्फ भोलू निवासी इटौली राया, दानवीर जाट निवासी मरोठा अलीगढ़ और सुनील उर्फ सुल्लन निषाद निवासी मुसमुना नौहझील को लूट की 15 मोटर साइकिल सहित पकड़ा था। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि लुटेरे अलीगढ़, मथुरा और आगरा में वारदात करते थे। उन पर वाहन लूट के 18 मामले दर्ज हैं।
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दानवीर जाट ने वर्ष 2013 में खंदौली में सर्राफ से चांदी लूट भी की थी। उसे कोतवाली मथुरा पुलिस ने इस मामले में पकड़ा था। उससे चांदी भी बरामद की गई थी। 16 फरवरी को इगलास, अलीगढ़ में सतीश सराफ को गोली मारकर लूटा था। आगरा के कागारौल कस्बे में 26 फरवरी को सुनार को गोली मारकर लूटा था। लुटेरों के कब्जे से दो तमंचा, रिवाल्वर और कारतूस बरामद किए हैं। खुलासे पर डीआईजी ने 10 और एसएसपी ने पांच हजार इनाम दिया है।
चाबी निकालते और बाइक गिरा देते
लुटेरे दानवीर, राजेश और बनवारी ने बताया कि बाइक चोरी करने में पिटने और पकड़े जाने का खतरा रहता है। इसकी तुलना में वाहन लूटना ज्यादा आसान है। लूट में मोबाइल, पैसा भी मिल जाता है। महिला साथ होती है तो उसके जेवर भी मिल जाते हैं। बोले, जब भी पईसा खत्म है जाए तबई गाड़ी लूट लें।
पुलिस के अनुसार लुटेरे सुनसान क्षेत्र में कोई बाइक देखते तो उसके बराबर में अपनी मोटर साइकिल ले आते और पीड़ित की बाइक की चाबी निकाल लेते। बाइक सवार जब तक कुछ समझता एक लुटेरा उसके चेहरे पर प्रहार करता और दूसरा बाइक को लात मारकर गिरा देता। इसके बाद बाइक सवार कुछ विरोध करने लायक ही नहीं रहता। थोड़ा-बहुत विरोध करता है तो उस पर तमंचा तान देते। बाइक, नकदी, मोबाइल लूटकर भाग जाते।
सुल्लन लाता था ग्राहक
पकड़े गए लुटेरों ने बताया कि राजेश, दानवीर तथा बनवारी लूट करते और सुल्लन गाड़ियों को अलीगढ़ और मथुरा के लोगों को पांच से छह हजार में बेच देता। सुल्लन का गांव मुसमुना यमुना के खादरों में है और वहां साल में एकाध बार ही पुलिस जाती है। वहीं चोरी की बाइक रखी जातीं। नौ बाइकें पुलिस ने मुसमुना से ही बरामद की थीं।
कम हो गया एक लुटेरा
पहले बताया गया था कि बलदेव पुलिस ने पांच लुटेरे पकड़े गए हैं। मंगलवार को एक लुटेरा कम हो गया और केवल चार लुटेरे गिरफ्तार दिखाए गए। इन लुटेरों की गिरफ्तारी भी दबिश के दौरान मुसमुना और गांव बिशम्भरा में बताई गई थी लेकिन मंगलवार को प्रेसवार्ता में लुटेरों की गिरफ्तारी यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या-140 के निकट से बताई गई।