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Mathura News: रोडवेज ने किया किनारा, डग्गामार वाहन ही यात्रियों का सहारा
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मथुरा। बृहस्पतिवार को छाता बाईपास से गुजरती रोडवेज बस।
- फोटो : mathura
मथुरा। छाता से गोवर्धन के लिए रोडवेज बस संचालित नहीं होने से लोगों को डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। हालांकि परिवहन निगम का पुराना बस स्टैंड छाता में बना तो है, लेकिन रोडवेज बसें यहां आती नहीं हैं। ग्रामीणों ने डिपो के अधिकारियों से बस संचालित करने की मांग की है।
छाता तहसील होने के बाद भी निगम के अधिकारी यहां से बसों को संचालित नहीं कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि गोवर्धन के लिए काफी संख्या में रोजाना यात्री जाते हैं, लेकिन बस नहीं मिलने से वह डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं। बृहस्पतिवार को रामदीम सिंह गोवर्धन गिरिराजजी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि वह रोडवेज आने के इंतजार में 30 मिनट तक खड़े रहे। जब बस नहीं मिली तो डग्गामार वाहन से गए।
कस्बा के लोगों ने बताया कि यहां पर बस नहीं आने से डग्गामार वाहनों की संख्या ज्यादा बढ़ गई है। परिवहन निगम के अधिकारी बाईपास से सभी बसों को संचालित करते हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि छाता से बस संचालित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यात्रियों की संख्या पर्याप्त नहीं मिलने से इसका संचालन बंद कर दिया गया था। यहां के लोगों की मांग को देखते हुए बस संचालित करने पर विचार किया जाएगा।
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एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि छाता से गोवर्धन के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू करने के लिए प्लान बनाया था, इसका ट्रायल भी किया गया था, लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने से निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसलिए सेवा को बंद कर दिया गया।
लोगों की बात
रोडवेज बस नहीं होने से डग्गामार वाहन संचालक 30 से 40 रुपये तक गोवर्धन का वसूल करते हैं, अगर रोडवेज बस संचालित हो जाए तो राहत मिलेगी।
- ओमप्रकाश, छाता
परिवहन निगम के अधिकारी सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक बस सेवा शुरू कर दे तो यहां के लोगों को सफर करने में कुछ राहत मिलेगी।
- वेद सिंह, छाता
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छाता तहसील होने के बाद भी निगम के अधिकारी यहां से बसों को संचालित नहीं कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि गोवर्धन के लिए काफी संख्या में रोजाना यात्री जाते हैं, लेकिन बस नहीं मिलने से वह डग्गामार वाहनों का सहारा लेते हैं। बृहस्पतिवार को रामदीम सिंह गोवर्धन गिरिराजजी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि वह रोडवेज आने के इंतजार में 30 मिनट तक खड़े रहे। जब बस नहीं मिली तो डग्गामार वाहन से गए।
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कस्बा के लोगों ने बताया कि यहां पर बस नहीं आने से डग्गामार वाहनों की संख्या ज्यादा बढ़ गई है। परिवहन निगम के अधिकारी बाईपास से सभी बसों को संचालित करते हैं। परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि छाता से बस संचालित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यात्रियों की संख्या पर्याप्त नहीं मिलने से इसका संचालन बंद कर दिया गया था। यहां के लोगों की मांग को देखते हुए बस संचालित करने पर विचार किया जाएगा।
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एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि छाता से गोवर्धन के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू करने के लिए प्लान बनाया था, इसका ट्रायल भी किया गया था, लेकिन यात्रियों की संख्या कम होने से निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसलिए सेवा को बंद कर दिया गया।
लोगों की बात
रोडवेज बस नहीं होने से डग्गामार वाहन संचालक 30 से 40 रुपये तक गोवर्धन का वसूल करते हैं, अगर रोडवेज बस संचालित हो जाए तो राहत मिलेगी।
- ओमप्रकाश, छाता
परिवहन निगम के अधिकारी सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक बस सेवा शुरू कर दे तो यहां के लोगों को सफर करने में कुछ राहत मिलेगी।
- वेद सिंह, छाता