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Mathura News: रिटायर्ड सूबेदार विक्रम का 83 वर्ष की आयु में निधन
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रिटायर्ड सूबेदार विक्रम सिंह
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नौहझील। भारतीय थल सेना में सूबेदार रहे विक्रम सिंह का 83 वर्ष की आयु में सोमवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव खाजपुर में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
विक्रम सिंह का जन्म 25 अक्तूबर 1943 को गांव खाजपुर में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 19 साल की उम्र में साल 1962 में भारतीय सेना में नौकरी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान ही उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में भाग लिया। उनके अदम्य साहस और शारीरिक दक्षता को देखते हुए वर्ष 1964 में उनका चयन बतौर पैरा कमांडो हुआ। अपने 20 साल के सैन्य जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण युद्धों में हिस्सा लिया।
वे 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी शामिल रहे। 1971 के युद्ध में उन्होंने 95,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 27 अक्तूबर 1982 को वे सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए। विधायक राजेश चौधरी, प्रधान प्रशांत गुप्ता, संजीव कुमार, पिंटू, चमन कुमार, प्रधान दिलावर, मनीष जिंदल, मुकेश वार्ष्णेय, उमाकांत शर्मा, राजू गुप्ता आदि ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
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विक्रम सिंह का जन्म 25 अक्तूबर 1943 को गांव खाजपुर में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 19 साल की उम्र में साल 1962 में भारतीय सेना में नौकरी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान ही उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में भाग लिया। उनके अदम्य साहस और शारीरिक दक्षता को देखते हुए वर्ष 1964 में उनका चयन बतौर पैरा कमांडो हुआ। अपने 20 साल के सैन्य जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण युद्धों में हिस्सा लिया।
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वे 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी शामिल रहे। 1971 के युद्ध में उन्होंने 95,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 27 अक्तूबर 1982 को वे सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए। विधायक राजेश चौधरी, प्रधान प्रशांत गुप्ता, संजीव कुमार, पिंटू, चमन कुमार, प्रधान दिलावर, मनीष जिंदल, मुकेश वार्ष्णेय, उमाकांत शर्मा, राजू गुप्ता आदि ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
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