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UP: सेवानिवृत्त बीएसएफ सैनिक की हत्या...इस हाल में मिली लाश, घर में की लूटपाट; मंदिर भी नहीं छोड़ा
Thu, 24 Jul 2025 12:08 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:08 AM IST
सार
जब पूरे दिन सेवानिवृत्त सैनिक घर से बाहर नहीं निकले तो विष्णु दास बाबा उनके घर गए। सेवानिवृत्त सैनिक विनोद का शव रसोई में उल्टा पड़ा था। उनके हाथ और पैर बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। विष्णुदास बाबा ने बाहर आकर शोर मचाया तो लोग जमा हो गए।
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मृतक का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के राधाकुंड स्थित गोपी विहार कॉलोनी में बदमाशों ने एक घर में घुसकर सेवानिवृत्त बीएसएफ सैनिक विनोद पांडेय की हत्या कर दी। इस दौरान उन्होंने घर में जमकर लूटपाट मचाई। बुधवार को पूरे दिन घर में हलचल न होने पर शाम को एक साधु ने जब अंदर जाकर देखा तो विनोद का शव पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। देर शाम एसएसपी श्लोक कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई।
मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी विनोद पांडेय (56) बीते 25 वर्षों से राधाकुंड में रहकर राधारानी की उपासना करते थे। राधारानी में गहरी आस्था होने के चलते ही उन्होंने बीएसएफ में सैनिक के पद से एच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद उनका दिन भजन-पूजन में ही बीतता था। उन्होंने अपना नाम भी विनोद कृष्ण दास कर लिया था। करीब आठ महीने पहले जब उनके भाई ने गोपी विहार कॉलोनी में मकान बनवाया तो वह यह पाल कॉलोनी स्थित अपने मकान से यहां आकर रहने लगे थे। यहां आसपास के लोगों के साथ वह सत्संग किया करते थे। वह घर में अकेले ही रहते थे।
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मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी विनोद पांडेय (56) बीते 25 वर्षों से राधाकुंड में रहकर राधारानी की उपासना करते थे। राधारानी में गहरी आस्था होने के चलते ही उन्होंने बीएसएफ में सैनिक के पद से एच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद उनका दिन भजन-पूजन में ही बीतता था। उन्होंने अपना नाम भी विनोद कृष्ण दास कर लिया था। करीब आठ महीने पहले जब उनके भाई ने गोपी विहार कॉलोनी में मकान बनवाया तो वह यह पाल कॉलोनी स्थित अपने मकान से यहां आकर रहने लगे थे। यहां आसपास के लोगों के साथ वह सत्संग किया करते थे। वह घर में अकेले ही रहते थे।
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बुधवार को जब वह पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकले तो विष्णु दास बाबा उनके घर गए तो विनोद का शव रसोई में उल्टा पड़ा था। उनके हाथ और पैर बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। विष्णुदास बाबा ने बाहर आकर शोर मचाया तो लोग जमा हो गए। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ ही एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और सीओ अनिल कुमार सिंह भी पहुंच गए।
मौके पर छानबीन की तो अलमारी खुली पड़ी थी और सामान भी बिखरा था।
साथ ही घर में स्थापित राधारानी की मूर्ति का शृंगार भी बिखरा था और गहने गायब थे। इसके अलावा घर में खड़ी एक स्कूटी और एक बाइक भी गायब थी। एसएसपी श्लोक कुमार भी देर शाम राधाकुंड पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों से जानकारी ली। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। देर रात 11 बजे के करीब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने परिजन को सूचना देने के साथ घटना की जांच तेज कर दी है।
मौके पर छानबीन की तो अलमारी खुली पड़ी थी और सामान भी बिखरा था।
साथ ही घर में स्थापित राधारानी की मूर्ति का शृंगार भी बिखरा था और गहने गायब थे। इसके अलावा घर में खड़ी एक स्कूटी और एक बाइक भी गायब थी। एसएसपी श्लोक कुमार भी देर शाम राधाकुंड पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों से जानकारी ली। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। देर रात 11 बजे के करीब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने परिजन को सूचना देने के साथ घटना की जांच तेज कर दी है।
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नई बसी है कॉलोनी, खुला रहता था मैन गेट
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गोपी विहार कॉलोनी नई बसी है। इसके चलते आसपास बहुत अधिक मकान नहीं है। विनोद पांडेय के सामने जो मकान है वह बंद पड़ा हुआ है। इसके कारण पुलिस को सुरागकशी में चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे रास्ते पर लगे सीसीटीवी खंगाल रही है, जल्द ही बदमाशों का सुराग लगा लिया जाएगा। इसके लिए चार टीमें लगाई गईं हैं। यह भी बताया कि घर में कहीं भी जोर-जबरदस्ती से प्रवेश के लिए निशान नहीं हैं। आसपास के लोगों के अनुसार विनोद पांडेय का गेट खुला ही रहता था, वह आमतौर पर गेट बंद नहीं करते थे।
पिता भी रहते साथ, कुछ दिन पहले चले गए थे अल्मोड़ा
विनोद पांडेय के पिता गणेशदत्त पांडेय भी उनके साथ ही रहते थे। कुछ दिन पहले ही वह अल्मोड़ा चले गए थे। आसपास के लोगों ने बताया कि लोग विनोद पांडेय को गुरु के रूप में मानते थे। वह सभी को राधारानी की भक्ति करने के लिए प्रेरित भी करते थे।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि घर में घुसे बदमाशों ने सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या करने के साथ ही घर में लूटपाट भी की है। राधारानी की मूर्ति के बिखरे शृंगार को देखकर गहने आदि लूटने की आशंका है। साथ ही दो दोपहिया वाहन भी गायब हैं। प्रथमदृष्टया दम घुटने से मौत प्रतीत हो रही है। पुलिस की चार टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि गोपी विहार कॉलोनी नई बसी है। इसके चलते आसपास बहुत अधिक मकान नहीं है। विनोद पांडेय के सामने जो मकान है वह बंद पड़ा हुआ है। इसके कारण पुलिस को सुरागकशी में चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे रास्ते पर लगे सीसीटीवी खंगाल रही है, जल्द ही बदमाशों का सुराग लगा लिया जाएगा। इसके लिए चार टीमें लगाई गईं हैं। यह भी बताया कि घर में कहीं भी जोर-जबरदस्ती से प्रवेश के लिए निशान नहीं हैं। आसपास के लोगों के अनुसार विनोद पांडेय का गेट खुला ही रहता था, वह आमतौर पर गेट बंद नहीं करते थे।
पिता भी रहते साथ, कुछ दिन पहले चले गए थे अल्मोड़ा
विनोद पांडेय के पिता गणेशदत्त पांडेय भी उनके साथ ही रहते थे। कुछ दिन पहले ही वह अल्मोड़ा चले गए थे। आसपास के लोगों ने बताया कि लोग विनोद पांडेय को गुरु के रूप में मानते थे। वह सभी को राधारानी की भक्ति करने के लिए प्रेरित भी करते थे।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि घर में घुसे बदमाशों ने सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या करने के साथ ही घर में लूटपाट भी की है। राधारानी की मूर्ति के बिखरे शृंगार को देखकर गहने आदि लूटने की आशंका है। साथ ही दो दोपहिया वाहन भी गायब हैं। प्रथमदृष्टया दम घुटने से मौत प्रतीत हो रही है। पुलिस की चार टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे।