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Mathura News: सराफा कारोबारी की हत्या में करीबियों पर शक
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किरायेदारों से पूछताछ करती एएसपी आशना चौधरी व एसपी सिटी राजीव कुमार।
मथुरा। तेलीपाड़ा में सराफा कारोबारी सतीशचंद्र अग्रवाल की हत्या में उनके करीबी पर शक गहरा गया है। कारोबारी का पायल का अच्छा कारोबार था। पुलिस ने उनके साथ व्यापार करने वाले व्यापारियों से पूछताछ की है। दोनों किराएदारों से भी पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने उनके पास किसी बाहरी व्यक्ति को मिलने आते हुए नहीं देखा। कारोबारी के घर और गली में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। इससे पता चल सके कि कौन उनके पास आया था।
पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या में कोई करीबी शामिल है। कारोबारी के पास अकसर उनके करीबी लोग ही आते थे। ऐसे में साफ है कि कोई जबरन नहीं घुसा है। कारोबारी ने उसके लिए ही दरवाजा खोला होगा जिसे वह भली भांति जानते होंगे। वह किस वक्त तक भूतल में अपनी गद्दी पर बैठते हैं और कब घर पहुंचते हैं, यह सब जानकारी उनसे मिलने आए व्यक्ति को पता होगी। वहीं जिस तरह से कमरे में सामान बिखरा पड़ा हुआ है, उससे लग रहा है कि व्यक्ति उनके पास कुछ तलाश करने आया था।
गोली चली मगर किसी को भनक नहीं लगी
कारोबारी का घर संकरी गली में है। यहां घर आसपास सटे हुए बने हुए हैं। जिस घर में वारदात हुई। उसमें दो सरोज अग्रवाल व सुनीता अग्रवाल रहते हैं। दोनों कई सालों से रह रहे हैं। सवाल है कि किरायेदार और आसपास के लोगों को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। किसी ने उनके पास से किसी को आते जाते भी नहीं देख पाया। पुलिस नौकर से पूछताछ कर रही है।
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पुलिस ने सराफा व्यापारियों से की पूछताछ
घटना की जानकारी मिलने पर कारोबारी के मित्र व कुछ रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की। साथ की पायलों के कारोबार में लेन-देन करने वाले व्यापारियों को बुलाकर भी जानकारी हासिल की गई। पुलिस अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है।
बेटे रहते हैं दूसरे शहरों में
कारोबारी के तीन बेटों में सबसे बड़े मुकुल गर्ग, दूसरे मयंक हैं। दोनों चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, जबकि अभिषेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताए गए हैं। मुकुल पुणे तो मयंक नोएडा में रहते हैं, जबकि अभिषेक गुरुग्राम में रहते हैं। पुलिस ने भी परिजन से जानकारी ली है।
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पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या में कोई करीबी शामिल है। कारोबारी के पास अकसर उनके करीबी लोग ही आते थे। ऐसे में साफ है कि कोई जबरन नहीं घुसा है। कारोबारी ने उसके लिए ही दरवाजा खोला होगा जिसे वह भली भांति जानते होंगे। वह किस वक्त तक भूतल में अपनी गद्दी पर बैठते हैं और कब घर पहुंचते हैं, यह सब जानकारी उनसे मिलने आए व्यक्ति को पता होगी। वहीं जिस तरह से कमरे में सामान बिखरा पड़ा हुआ है, उससे लग रहा है कि व्यक्ति उनके पास कुछ तलाश करने आया था।
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गोली चली मगर किसी को भनक नहीं लगी
कारोबारी का घर संकरी गली में है। यहां घर आसपास सटे हुए बने हुए हैं। जिस घर में वारदात हुई। उसमें दो सरोज अग्रवाल व सुनीता अग्रवाल रहते हैं। दोनों कई सालों से रह रहे हैं। सवाल है कि किरायेदार और आसपास के लोगों को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। किसी ने उनके पास से किसी को आते जाते भी नहीं देख पाया। पुलिस नौकर से पूछताछ कर रही है।
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पुलिस ने सराफा व्यापारियों से की पूछताछ
घटना की जानकारी मिलने पर कारोबारी के मित्र व कुछ रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की। साथ की पायलों के कारोबार में लेन-देन करने वाले व्यापारियों को बुलाकर भी जानकारी हासिल की गई। पुलिस अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है।
बेटे रहते हैं दूसरे शहरों में
कारोबारी के तीन बेटों में सबसे बड़े मुकुल गर्ग, दूसरे मयंक हैं। दोनों चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, जबकि अभिषेक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताए गए हैं। मुकुल पुणे तो मयंक नोएडा में रहते हैं, जबकि अभिषेक गुरुग्राम में रहते हैं। पुलिस ने भी परिजन से जानकारी ली है।