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यहां आंसुओं में भीग गई हर राखी
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:51 PM IST
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जिला कारागार
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार पर गुरुवार को अपने भाइयों से मिलने 1710 बहनें पहुंचीं। सुबह से ही लाइन लग गई थी। लंबे इंतजार के बाद भाइयों से मुलाकात हुई तो माहौल भावुक हो गया। राखी बांधने के दौरान अधिकांश भाई और बहन की आंखें नम हो गईं। कुछ की तो रुलाई फूट पड़ी। जेल में बंद 1018 भाइयों की कलाई पर राखी सजाई गई।
रक्षाबंधन पर जिला कारागार में भाइयों से मुलाकात के लिए बहनों को छोटे-छोटे बैच में प्रवेश दिया गया। वैसे कारागार में कोई वस्तु ले जाने की मनाही है लेकिन भाइयों के लिए मिठाई, नारियल और तिलक लेकर पहुंची बहनों को गुरुवार को कुछ छूट रही। भीड़ बढ़ने पर कारागार प्रशासन ने एक बैच में जाने वाली बहनों की संख्या में इजाफा किया। सुबह 8:30 से शुरू हुआ क्रम शाम 4:30 बजे तक चला।
722 की कलाई रही सूनी
जिला कारागार में वर्तमान में 1740 बंदी एवं कैदी है। 1018 भाइयों की कलाई पर राखी सजी लेकिन 722 भाइयों की बहनें नहीं आ सकी।
जिला कारागार में आने वाली बहनों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। मैनुअल ही मुलाकात पर्चियां तैयार कराई गईं। शाम तक मुलाकात का क्रम चला। किसी बहन को वापस नहीं लौटाया गया।
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-पीडी सलोनिया, कारागार अधीक्षक, जिला कारागार, मथुरा
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रक्षाबंधन पर जिला कारागार में भाइयों से मुलाकात के लिए बहनों को छोटे-छोटे बैच में प्रवेश दिया गया। वैसे कारागार में कोई वस्तु ले जाने की मनाही है लेकिन भाइयों के लिए मिठाई, नारियल और तिलक लेकर पहुंची बहनों को गुरुवार को कुछ छूट रही। भीड़ बढ़ने पर कारागार प्रशासन ने एक बैच में जाने वाली बहनों की संख्या में इजाफा किया। सुबह 8:30 से शुरू हुआ क्रम शाम 4:30 बजे तक चला।
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722 की कलाई रही सूनी
जिला कारागार में वर्तमान में 1740 बंदी एवं कैदी है। 1018 भाइयों की कलाई पर राखी सजी लेकिन 722 भाइयों की बहनें नहीं आ सकी।
जिला कारागार में आने वाली बहनों के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। मैनुअल ही मुलाकात पर्चियां तैयार कराई गईं। शाम तक मुलाकात का क्रम चला। किसी बहन को वापस नहीं लौटाया गया।
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-पीडी सलोनिया, कारागार अधीक्षक, जिला कारागार, मथुरा