UP: एक ओर तो बाढ़ का पानी दूसरी ओर आसमान से भी बरसी आफत, जमकर बरसे मेघ; वृंदावन में हर ओर दिख रहा जलभराव
करीब एक घंटे तक बरसे पानी ने वृंदावन में आफत मचा दी। हर ओर पानी ही पानी नजर आने लगा। जिन इलाकों में यमुना का पानी नहीं पहुंचा तो वहां बारिश की वजह से जलभराव हो गया।
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यूं तो वृंदावन में यमुना का पानी कई दिनों से लोगों को परेशानी का कारण बना हुआ था लेकिन शुक्रवार को जहां एक ओर यमुना नदी ने भृकुटि तानीं तो इंद्रदेव भी उनके साथ गरजे। करीब एक घंटे तक बरसे पानी ने वृंदावन में आफत मचा दी। हर ओर पानी ही पानी नजर आने लगा। जिन इलाकों में यमुना का पानी नहीं पहुंचा तो वहां बारिश की वजह से जलभराव हो गया। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि यमुना ने पूरे शहर को ही अपने आगोश में ले लिया है।
दरअसल, हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब पूरी तरह यमुना किनारे बसी कॉलोनियों से लेकर परिक्रमा मार्ग पर दिखाई दे रहा है। परिक्रमा मार्ग के कई रास्तों पर पानी भर गया है। अब तक यमुना के पानी का दंश झेल रहे लोग इंद्रदेव की गर्जना से भयभीत हो गए। एक घंटे से अधिक हुई तेज वर्षा ने वृंदावन के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। खादर में बनी कॉलोनियों को अभी बुरा हाल है। कई लोग अभी अपने घरों पर छतों पर ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि उन्हें घर छोड़कर जाना अच्छा नहीं लग रहा है। वहीं प्रशासन के अधिकारी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों को खाली कर रही है। प्रशासन नेे आश्रय स्थल खोल दिए हैं। लोग वहां की शरण पा रहे हैं। उनके खाने पीने की जिम्मेदारी प्रशासन रखे हुए हैं।
घाटों और आश्रय स्थल का किया निरीक्षण
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार और अन्य अधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। आश्रय स्थलों को निरीक्षण करने के साथ-साथ लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने कालिदह मार्ग, जगन्नाथ घाट, देवराह बाबा घाट, केसी घाट आदि का निरीक्षण किया। वहां लोगों से बातचीत भी की और जो लोग अभी तक घाटों के किनारों से नहीं हटें हैं, उन्हें भी समझाया और जल्द ही हटने को निर्देश दिए।
लोगों के घरों में तीन फुट तक भरा पानी
वृंदावन के दो दर्जन कॉलोनियों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में पहुंच गया है। वह रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान हो उठे हैं। पानी के कारण उन्होंने छतों पर रहने का इंतजाम कर रखा है लेकिन बारिश के कारण उनकी परेशानियां बढ़ रही है।
लोगों और पशुओं को किया जा रहा सुरक्षित
जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि प्रशासन की कई टीमों को बाढ़ को लेकर अपनी ड़यूटी दे रही है। जिन इलाकों में पानी भरा गया है, वहां से लोगों को नाव और स्टीमर की सहायता से आश्रय स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। उनके सामान के लिए निगम के ट्रेक्टरों को लगाया गया है। अब तक 5000 से अधिक मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तो वहीं 1500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया है। टीमें लगाकर लोगों को लेकर आ रही हैं। किसी को भी परेशानी हो तो अधिकारियों को या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित किया जा सकता है।