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फिर से दौड़ी मथुरा-वृंदावन के बीच रेलबस
अमर उजाला वृंदावन
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:40 PM IST
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रेलबस
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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वृंदावनवासियों के अथक प्रयास के बाद मथुरा-वृंदावन के बीच चलने वाली एक मात्र रेलबस सेवा बुधवार से फिर से सुचारु हो गई। बीते माह कई बार के ट्रायल के बाद रेलवे के अधिकारियों ने इस रूट पर रेलबस के संचालन को हरी झंडी दी है। बुधवार को पहले दिन रेलबस ने मथुरा-वृंदावन के बीच सुबह दो चक्कर और शाम को एक चक्कर लगाया।
बुधवार को रेलबस अपने तय समय सुबह 6:35 बजे से पंद्रह मिनट की देरी से मथुरा जंक्शन से चली और लगभग 7:30 बजे वृंदावन स्टेशन पहुंची। सुबह रेलबस में कोई भी यात्री नहीं था। रेलबस खाली ही मथुरा लौटी। इसके बाद दूसरे चक्कर में 8:55 बजे मथुरा से वृंदावन के लिए चली रेलबस 9:30 बजे वृंदावन पहुंचीं। यहां 10 मिनट रुकने के बाद दोबारा 9:40 बजे मथुरा के लिए रवाना हो गई।
शाम को करीब 4:10 बजे वृंदावन स्टेशन पर पहुंची रेलबस केवल तीन मिनट ही वृंदावन स्टेशन पर रुकी और 4:13 बजे मथुरा जंक्शन के लिए रवाना हो गई। रेलबस के यात्री रहे दयाराम, दुर्गेश, बाबा अर्जुनदास, जगन्नाथदास, मयंक शर्मा ने बताया कि रेलबस का संचालन शुरू होने से दैनिक यात्रियों के साथ-साथ साधु सन्यासियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इधर वृंदावन स्टेशन के अधिकारी महेश कुमार और बीके सिंह रेलबस शुरू होने से खुश दिखे। उन्होंने कहा कि रेलबस की यात्रा सस्ती होने साथ ही सुरक्षित भी है।
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मात्र 10 रुपये किराया
रेलबस सेवा में वृंदावन रेलवे स्टेशन से मथुरा जंक्शन तक का किराया 10 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वृंदावन रेलवे स्टेशन के सह स्टेशन मास्टर बीके सिंह ने बताया कि रेलबस का किराया अन्य यातायात के साधनों से कम है।
अमर उजाला का जताया आभार
वृंदावन-मथुरा के बीच रेलबस सेवा के शुरू होेने पर नगरवासियों ने अमर उजाला का आभार जताया है। संत महेशानंद सरस्वती, हरिबोल बाबा, स्वामी चित्प्रकाशानंद, महामंडलेश्वर नवल गिरि, सेवानंद ब्रह्मचारी, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया, राधा कृष्ण पाठक, डा. विनोद बनर्जी, राजू द्विवेदी, डा. मनोज मोहन शास्त्री, सुरेशचंद्र शर्मा एडवोकेट, विपिन कुमार वर्मा एडवोकेट, सुजीत वार्ष्णेेंय आदि ने कहा कि अमर उजाला ने रेलबस सेवा बंद होने के बाद 23 दिसंबर 2015 से जो अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया, उसी का परिणाम है कि आज यह रेलबस सेवा शुरू हो सकी। लोगों ने कहा कि अभियान के बाद ही सांसद हेमामालिनी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेलमंत्री से रेलबस शुरू कराने का अनुरोध किया था।
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बुधवार को रेलबस अपने तय समय सुबह 6:35 बजे से पंद्रह मिनट की देरी से मथुरा जंक्शन से चली और लगभग 7:30 बजे वृंदावन स्टेशन पहुंची। सुबह रेलबस में कोई भी यात्री नहीं था। रेलबस खाली ही मथुरा लौटी। इसके बाद दूसरे चक्कर में 8:55 बजे मथुरा से वृंदावन के लिए चली रेलबस 9:30 बजे वृंदावन पहुंचीं। यहां 10 मिनट रुकने के बाद दोबारा 9:40 बजे मथुरा के लिए रवाना हो गई।
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शाम को करीब 4:10 बजे वृंदावन स्टेशन पर पहुंची रेलबस केवल तीन मिनट ही वृंदावन स्टेशन पर रुकी और 4:13 बजे मथुरा जंक्शन के लिए रवाना हो गई। रेलबस के यात्री रहे दयाराम, दुर्गेश, बाबा अर्जुनदास, जगन्नाथदास, मयंक शर्मा ने बताया कि रेलबस का संचालन शुरू होने से दैनिक यात्रियों के साथ-साथ साधु सन्यासियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इधर वृंदावन स्टेशन के अधिकारी महेश कुमार और बीके सिंह रेलबस शुरू होने से खुश दिखे। उन्होंने कहा कि रेलबस की यात्रा सस्ती होने साथ ही सुरक्षित भी है।
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मात्र 10 रुपये किराया
रेलबस सेवा में वृंदावन रेलवे स्टेशन से मथुरा जंक्शन तक का किराया 10 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है। वृंदावन रेलवे स्टेशन के सह स्टेशन मास्टर बीके सिंह ने बताया कि रेलबस का किराया अन्य यातायात के साधनों से कम है।
अमर उजाला का जताया आभार
वृंदावन-मथुरा के बीच रेलबस सेवा के शुरू होेने पर नगरवासियों ने अमर उजाला का आभार जताया है। संत महेशानंद सरस्वती, हरिबोल बाबा, स्वामी चित्प्रकाशानंद, महामंडलेश्वर नवल गिरि, सेवानंद ब्रह्मचारी, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया, राधा कृष्ण पाठक, डा. विनोद बनर्जी, राजू द्विवेदी, डा. मनोज मोहन शास्त्री, सुरेशचंद्र शर्मा एडवोकेट, विपिन कुमार वर्मा एडवोकेट, सुजीत वार्ष्णेेंय आदि ने कहा कि अमर उजाला ने रेलबस सेवा बंद होने के बाद 23 दिसंबर 2015 से जो अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया, उसी का परिणाम है कि आज यह रेलबस सेवा शुरू हो सकी। लोगों ने कहा कि अभियान के बाद ही सांसद हेमामालिनी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेलमंत्री से रेलबस शुरू कराने का अनुरोध किया था।