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अधिवक्ताओं ने उठाई रेलबस के समर्थन में आवाज
ब्यूरो,अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:17 PM IST
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रेलबस सेवा शुरू कराने के लिए धर्मनगरी में समाज के विभिन्न वर्ग अब आगे आकर पहल कर रहे हैं। मंगलवार को नगर के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे रेलबस सेवा को तत्काल प्रभाव से शुरू कराने की मांग रेलवे के उच्चाधिकारियों से करेंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेशचंद्र शर्मा ने कहा कि रेलबस सेवा से समाज के विभिन्न वर्गों के यात्रियों को लाभ मिल रहा था। छात्र से लेकर दैनिक यात्री तक रेलबस यात्रा करते थे। वर्तमान में रेलबस बंद होने से मथुरा जंक्शन क्षेत्र में जाने वाले दैनिक यात्रिआें को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
युवा अधिवक्ता ब्रजेश कुमार गौतम का कहना है कि वृंदावन से मथुरा कचहरी जाने वाले अधिकांश अधिवक्ता पहले रेलबस का ही प्रयोग करते थे। जब सेे रेलबस सेवा बंद हुई है तब से अधिवक्ताओं को डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे अधिवक्ता वर्ग खासा परेशान है।
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अधिवक्ता विपिन कुमार वर्मा ने कहा कि रेलबस यात्रा करने का एक बेहतर विकल्प है। वर्तमान रेलवे अधिकारियों की उदासीनता के कारण बीते छह माह से यह बंद है। रेलबस शुरू कराने के लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो समाज का हर वर्ग इसमें सहयोग देगा।
अधिवक्ता संजीव गौतम का कहना है कि वर्तमान में रेलबस चलाने में नाकाम साबित हो रहे रेलवे को अविलंब रेलबस शुरू करने के सफल प्रयास करने चाहिए अन्यथा जनता के आक्रोश का सामना करना पडे़गा।
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वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेशचंद्र शर्मा ने कहा कि रेलबस सेवा से समाज के विभिन्न वर्गों के यात्रियों को लाभ मिल रहा था। छात्र से लेकर दैनिक यात्री तक रेलबस यात्रा करते थे। वर्तमान में रेलबस बंद होने से मथुरा जंक्शन क्षेत्र में जाने वाले दैनिक यात्रिआें को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
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युवा अधिवक्ता ब्रजेश कुमार गौतम का कहना है कि वृंदावन से मथुरा कचहरी जाने वाले अधिकांश अधिवक्ता पहले रेलबस का ही प्रयोग करते थे। जब सेे रेलबस सेवा बंद हुई है तब से अधिवक्ताओं को डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे अधिवक्ता वर्ग खासा परेशान है।
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अधिवक्ता विपिन कुमार वर्मा ने कहा कि रेलबस यात्रा करने का एक बेहतर विकल्प है। वर्तमान रेलवे अधिकारियों की उदासीनता के कारण बीते छह माह से यह बंद है। रेलबस शुरू कराने के लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो समाज का हर वर्ग इसमें सहयोग देगा।
अधिवक्ता संजीव गौतम का कहना है कि वर्तमान में रेलबस चलाने में नाकाम साबित हो रहे रेलवे को अविलंब रेलबस शुरू करने के सफल प्रयास करने चाहिए अन्यथा जनता के आक्रोश का सामना करना पडे़गा।