{"_id":"57cf0a184f1c1b2556318442","slug":"radharani-janmotsav-in-barsana","type":"story","status":"publish","title_hn":"...देख बरसाने की लीला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...देख बरसाने की लीला
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
बरसाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करत विरद सुखरास ब्रज ठोर-ठोर मन मत कर ढीला, देख बरसाने की लीला। आज से बरसाना में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की परंपरागत लीलाओं की शुरुआत ललिताजी के जन्मोत्सव के साथ हो जाएगी। यह लीला बरसाना क्षेत्र में 10 दिन तक चलेंगी। इनमें राधाकृष्ण के प्राचीन स्थलों पर उनके द्वारा की गई लीलाओं का मंचन होता है।
राधारानी की सबसे प्रिय सखी और अष्ट सखियों में प्रधान ललिताजी का जन्मोत्सव राधारानी के जन्मोत्सव से दो दिन पहले भाद्रपक्ष शुक्ल षष्ठी को मनाया जाएगा। बुधवार को बरसाना स्थित लाड़लीजी मंदिर और ऊंचागांव में स्थित ललिता अटा अटोर नामक पहाड़ी पर बने भव्य ललिता मंदिर में दोपहर 12 बजे ललिताजी के अभिषेक का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।
अकबर काल में श्वेत संगमरमर से बने इस मंदिर में ललिता पीठ के पीठाधीश कृष्णानंद शरण तैलंग ललिताजी के विग्रह का अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत से करेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि ललिता मंदिर का निर्माण मुगल बादशाह अकबर के राजस्व मंत्री टोडरमल ने कराया था। ललिताजी का गांव होने के कारण समूचा ऊंचागांव उत्सव को सफल बनाने में जुट गया है। इस अवसर पर गुर्जर समुदाय की महिलाएं पारंपरिक नृत्य करेंगी।
राधाष्टमी के ठीक दो दिन पहले होने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के साथ साथ समूचा साधु समाज भी शिरकत करेगा। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। कस्बे के अष्टसखी मंदिर वृषभानजी मंदिर में ललिता के जन्म के दर्शनों का विशेष आयोजन होगा।
राधाष्टमी महोत्सव
7 सितंबर- ऊंचांगांव में ललिताजी का जन्मोत्सव।
8 सितंबर- लाड़लीजी मंदिर में राधा जन्मोत्सव की धूम। शाम को वनखंडी के वंशजों द्वारा चाव शोभायात्रा
9 सितंबर- लाड़ली जी मंदिर में सुबह राधारानी का जन्म। शाम को मंदिर परिसर में राधारानी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम सफेद छतरी में वृषभान नंदिनी के दर्शन।
10 सितंबर- मोरकुटी पर मयूर लीला और शाम को लाड़लीजी मंदिर में ढांढी-ढांढन लीला का आयोजन अनुराग सखी करेंगी।
11 सितंबर- विलासगढ़ का रास और नागाजी कुंज में जोगिन लीला।
12 सितंबर- सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला। शाम को गाजीपुर में नौका विहार लीला।
13 सितंबर- ऊंचांगांव में ब्याहुला। शाम को प्रियाकुंड पर नौका विहार लीला।
14 सितंबर- सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला व दंगल।
15 सितंबर- राजस्थान में स्थित कदंब खंडी में चीरहरण लीला।
16 सितंबर- राधाबाग, मढ़ोई व करहला में महारास का आयोजन।
विज्ञापन
राधारानी की सबसे प्रिय सखी और अष्ट सखियों में प्रधान ललिताजी का जन्मोत्सव राधारानी के जन्मोत्सव से दो दिन पहले भाद्रपक्ष शुक्ल षष्ठी को मनाया जाएगा। बुधवार को बरसाना स्थित लाड़लीजी मंदिर और ऊंचागांव में स्थित ललिता अटा अटोर नामक पहाड़ी पर बने भव्य ललिता मंदिर में दोपहर 12 बजे ललिताजी के अभिषेक का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
अकबर काल में श्वेत संगमरमर से बने इस मंदिर में ललिता पीठ के पीठाधीश कृष्णानंद शरण तैलंग ललिताजी के विग्रह का अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत से करेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि ललिता मंदिर का निर्माण मुगल बादशाह अकबर के राजस्व मंत्री टोडरमल ने कराया था। ललिताजी का गांव होने के कारण समूचा ऊंचागांव उत्सव को सफल बनाने में जुट गया है। इस अवसर पर गुर्जर समुदाय की महिलाएं पारंपरिक नृत्य करेंगी।
राधाष्टमी के ठीक दो दिन पहले होने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के साथ साथ समूचा साधु समाज भी शिरकत करेगा। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। कस्बे के अष्टसखी मंदिर वृषभानजी मंदिर में ललिता के जन्म के दर्शनों का विशेष आयोजन होगा।
राधाष्टमी महोत्सव
7 सितंबर- ऊंचांगांव में ललिताजी का जन्मोत्सव।
8 सितंबर- लाड़लीजी मंदिर में राधा जन्मोत्सव की धूम। शाम को वनखंडी के वंशजों द्वारा चाव शोभायात्रा
9 सितंबर- लाड़ली जी मंदिर में सुबह राधारानी का जन्म। शाम को मंदिर परिसर में राधारानी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम सफेद छतरी में वृषभान नंदिनी के दर्शन।
10 सितंबर- मोरकुटी पर मयूर लीला और शाम को लाड़लीजी मंदिर में ढांढी-ढांढन लीला का आयोजन अनुराग सखी करेंगी।
11 सितंबर- विलासगढ़ का रास और नागाजी कुंज में जोगिन लीला।
12 सितंबर- सांकरी खोर में चोटी बंधन लीला। शाम को गाजीपुर में नौका विहार लीला।
13 सितंबर- ऊंचांगांव में ब्याहुला। शाम को प्रियाकुंड पर नौका विहार लीला।
14 सितंबर- सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला व दंगल।
15 सितंबर- राजस्थान में स्थित कदंब खंडी में चीरहरण लीला।
16 सितंबर- राधाबाग, मढ़ोई व करहला में महारास का आयोजन।