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सुसज्जित रथ में विराजमान हो राधा वृंदावन चंद्र ने दिया भक्तों को दर्शन
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वृंदावन। वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय कार्तिक उत्सव के अंतिम दिन सोमवार को भगवान श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र की शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान स्वर्ण प्रभा युक्त रथ में विराजमान श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र ने सहज ही अपने भक्तों को दर्शन देकर, उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस शोभायात्रा से पूर्व भक्तों ने विभिन्न प्रकार के पुष्पों का चयन कर मंदिर प्रांगण एवं रथ को विशेष प्रकार के पुष्पों से सुसज्जित किया। त्रिदिवसीय कार्यक्रम की श्रृंखला में चंद्रोदय मंदिर में आयोजित शोभायात्रा के दौरान ठाकुर श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र को विशेष रूप से तैयार वस्त्रों को धारण कराया गया। उसके बाद भक्तों ने ठाकुरजी के श्री विग्रह को पालकी में विराजमान किया।
यहां दर्शन देने के बाद मंदिर के गर्भ गृह से शोभायात्रा के लिए, पुष्पों से सुसज्जित रथ पर विराजमान किया। सर्वप्रथम स्वर्ण प्रभा युक्त रथ पर विराजे श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र की नजर उतारी गई। उसके बाद भक्तों ने नरसिम्हा आरती की एवं सोहनी सेवा के बाद रथ को भक्त खींचकर निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर प्रांगण तक ले जाया गया। उत्सव में रथ यात्रा के बाद ठाकुर श्री वृंदावन चंद्र के समक्ष भक्तों ने दामोदर अष्टक का गायन किया।
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इस शोभायात्रा से पूर्व भक्तों ने विभिन्न प्रकार के पुष्पों का चयन कर मंदिर प्रांगण एवं रथ को विशेष प्रकार के पुष्पों से सुसज्जित किया। त्रिदिवसीय कार्यक्रम की श्रृंखला में चंद्रोदय मंदिर में आयोजित शोभायात्रा के दौरान ठाकुर श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र को विशेष रूप से तैयार वस्त्रों को धारण कराया गया। उसके बाद भक्तों ने ठाकुरजी के श्री विग्रह को पालकी में विराजमान किया।
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यहां दर्शन देने के बाद मंदिर के गर्भ गृह से शोभायात्रा के लिए, पुष्पों से सुसज्जित रथ पर विराजमान किया। सर्वप्रथम स्वर्ण प्रभा युक्त रथ पर विराजे श्रीश्री राधा वृंदावन चंद्र की नजर उतारी गई। उसके बाद भक्तों ने नरसिम्हा आरती की एवं सोहनी सेवा के बाद रथ को भक्त खींचकर निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर प्रांगण तक ले जाया गया। उत्सव में रथ यात्रा के बाद ठाकुर श्री वृंदावन चंद्र के समक्ष भक्तों ने दामोदर अष्टक का गायन किया।
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