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ढांढ़िनियां मचल रही बाबा दे दो बधाई...
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा/बरसाना
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:05 AM IST
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राधारानी की जन्मस्थली में राधा जन्म बधाई की धूम मची है। लाड़लीजी मंदिर पर ढांढ़ी-ढांढिन लीला का आयोजन किया गया। जिसमें ढांढिन बनी अनुराग सखी ने मचलते हुए बाबा वृषभान से पुत्री के जन्म की बधाई लेकर उनके कुल का बखान किया। सेवायतों ने श्रद्धालुओं को खेल खिलौने लुटाए।
ब्रह्मगिरि पर्वत स्थित लाड़लीजी मंदिर परिसर में मंगलवार की शाम सात बजे ढांढ़ी ढांढिन लीला का आयोजन किया गया। ढांढिन बनी बरसाना की अनुराग सखी ने सोलह शृंगार कर ढांढिन लीला का प्रदर्शन किया। संगीत की ध्वनियों के मध्य ‘बरसाने जन्मी श्रीराधा..., बाबा दे दौ बधाई...’ पद सुनकर श्रद्धालु आनंदित हो गए।
ढांढ़ी बने कलाकार ने ढ़ाढिन को खूब समझाने का प्रयास किया लेकिन ‘ढ़ाढ़िनियां मचल रही बाबा मैं तो बधाई लेने बरसाने जाऊंगी’ पद पर सखी ने अपना अभिनय प्रस्तुत कर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। सेवायत दीन दयाल गोस्वामी ने ढांढ़ी और ढांढ़िन को भेंट स्वरूप राधारानी की ओढ़नी व शृंगार का सामान देकर स्वागत किया। इससे पूर्व शाम को अनुराग सखी अपने आश्रम से लाड़लीजी मंदिर तक चाव शोभायात्रा लेकर पहुंची।
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ब्रह्मगिरि पर्वत स्थित लाड़लीजी मंदिर परिसर में मंगलवार की शाम सात बजे ढांढ़ी ढांढिन लीला का आयोजन किया गया। ढांढिन बनी बरसाना की अनुराग सखी ने सोलह शृंगार कर ढांढिन लीला का प्रदर्शन किया। संगीत की ध्वनियों के मध्य ‘बरसाने जन्मी श्रीराधा..., बाबा दे दौ बधाई...’ पद सुनकर श्रद्धालु आनंदित हो गए।
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ढांढ़ी बने कलाकार ने ढ़ाढिन को खूब समझाने का प्रयास किया लेकिन ‘ढ़ाढ़िनियां मचल रही बाबा मैं तो बधाई लेने बरसाने जाऊंगी’ पद पर सखी ने अपना अभिनय प्रस्तुत कर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं को नृत्य करने पर मजबूर कर दिया। सेवायत दीन दयाल गोस्वामी ने ढांढ़ी और ढांढ़िन को भेंट स्वरूप राधारानी की ओढ़नी व शृंगार का सामान देकर स्वागत किया। इससे पूर्व शाम को अनुराग सखी अपने आश्रम से लाड़लीजी मंदिर तक चाव शोभायात्रा लेकर पहुंची।
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