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बजट से उम्मीद: महंगाई हो दूर, सहूलियतें मिलें भरपूर

Sat, 28 Jan 2017 11:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Sat, 28 Jan 2017 11:58 PM IST
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public waiting for budget
Budget
एक फरवरी को आने वाले आम बजट और रेल बजट से जिले के लोग तमाम अपेक्षाएं लिए बैठे हैं। रेल बजट में यात्री अपने लिए सुविधाएं चाहते हैं तो स्टेशन पर और ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के लिए नई घोषणाओं की भी आशा कर रहे हैं। यात्री नई ट्रेनें चलाए जाने की भी अपेक्षा कर रहे हैं। आम बजट से युवा रोजगार और व्यापारी कारोबार बढ़ाए जाने के लिए घोषणाओं की उम्मीद कर रहे हैं।
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रेल बजट में यात्री चाहते हैं सुविधाएं
कासगंज के लिए चले ट्रेन
होलीगेट निवासी नितिन सराफ का कहना है कि मथुरा छावनी रेलवे स्टेशन से कासगंज के लिए दोपहर में कोई ट्रेन नहीं है। इससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है। दोपहर में कम से कम एक ट्रेन कासगंज के लिए चलनी चाहिए।
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स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए लगे लिफ्ट
मंडी रामदास निवासी सौरभ अग्रवाल का कहना है कि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए अभी लिफ्ट की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के लिए स्टेशन पर यह सुविधा होनी चाहिए ताकि ओवरब्रिज पर चढ़ने में मुश्किल न हो।
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पंचवटी कालोनी निवासी हिमांशु अग्रवाल कहते हैं कि मथुरा छावनी से हरिद्वार के लिए कोई ट्रेन नहीं है। अभी हरिद्वार जाने के लिए मथुरा छावनी से हाथरस जंक्शन जाना पड़ता है। इसके बाद हाथरस जंक्शन स्टेशन से ट्रेन पकड़कर हरिद्वार जाना पड़ता है।


महिला सुरक्षा पर हो विशेष ध्यान
गली पीरपंच होलीगेट निवासी दीपशिखा कहती हैं कि ट्रेनों में आम यात्री अथवा महिला रेल यात्री की सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर है। आए दिन चोरी, डकैती, अभद्रता की घटनाएं सामने आती हैं। बजट में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।


कारोबार, रोजगार को बढ़ाने वाला हो बजट
टैक्स स्लैब को कम करे सरकार
टैक्स एक्सपर्ट धर्मेंद्र गोयल का कहना है कि सरकार कैशलेस इंडिया चाहती है तो बजट में करदाताओं को राहत देनी होगी। इसके लिए कर छूट की सीमा बढ़ाकर चार लाख करने और अधिकतम कर की दर 30 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी तक करनी चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों से कटने वाली टीडीएस की दर कम करने और ब्याज दर बढ़ाने की आवश्यकता है।

जीएसटी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उद्योग
नेशनल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के सचिव केडी अग्रवाल ने कहा नोटबंदी के बाद इंडस्ट्री कैश की किल्लत से जूझ रही है। अलग-अलग कर और जटिल प्रक्रिया से उद्योग त्रस्त हैं। ऐसे में एक समान कर और सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था (जीएसटी) जल्द लागू की जानी चाहिए। होटल इंडस्ट्री, रियल एस्टेट के कारोबार को भी कर में राहत देनी चाहिए।

छोटे कारोबारियों को मिले राहत 
युवा कारोबारी प्रेम सिंह ने कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा छोटे कारोबार प्रभावित हुए हैं। कैश की किल्लत से इनका कारोबार पूरी तरह से चौपट है। विभागों का इंस्पेक्टर राज खत्म होना चाहिए। करों की दरों के साथ ही आयकर विभाग की छूट सीमा बढ़ानी चाहिए ताकि छोटे व्यापारी सरकार को कर भी दें और अपना कारोबार भी कर सकें।


युवाओं को चाहिए रोजगार
युवा रमाकांत भारद्वाज ने कहा कि नोटबंदी के बाद बेरोजगारी बढ़ी है, ऐसे में नए बजट में रोजगार बढ़ने के प्रावधान जरूरी हैं। एक तरफ सरकार कैशलेस की बात कर रही है और दूसरी ओर इस लेनदेन पर कर थोप रखा है। ऐसे में नगद लेनदेन करने वाले फायदे में हैं। सरकार इस ओर ध्यान दे और युवाओं के रोजगार के लिए प्रयास करे।
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