{"_id":"687a9ef6e802d0a2ae0c8d6a","slug":"protested-against-bankebihari-corridor-with-51-lamps-on-51st-day-mathura-news-c-29-1-mtr1002-427943-2025-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: 51वें दिन 51 दीपकों संग बांकेबिहारी कॉरिडोर का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: 51वें दिन 51 दीपकों संग बांकेबिहारी कॉरिडोर का किया विरोध
विज्ञापन
बिहारी मंदिर में दिये जलाकर प्रस्तावित कॉरिडोर का विरोध करतीं महिलाएं।
वृंदावन। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और न्यास के विरोध में स्थानीय महिलाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को इस आंदोलन ने अपने 51वें दिन में प्रवेश किया, जिसे यादगार बनाने के लिए महिलाओं ने 51 दीपक जलाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर रूपी राक्षस का अंत निश्चित है और वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
इस विरोध का नेतृत्व कर रहीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना न सिर्फ धार्मिक आस्था को आघात पहुंचाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति, व्यवसाय और जनजीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगी। उनका कहना है कि इस परियोजना के पीछे त्वरित विकास की बजाय व्यावसायिक हित छिपे हुए हैं। प्रदर्शन स्थल पर जय बांकेबिहारी के जयकारों के साथ गूंजते नारों ने साफ कर दिया कि महिलाएं किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जनभावनाओं का सम्मान करें और सरकार इस परियोजना पर पुनर्विचार करें, अन्यथा यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है। सोहन लाल मिश्र, मनमोहन गोस्वामी, नीरज गोस्वामी, देव गोस्वामी, राखी गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, किशोरी मिश्र, श्यामा गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी, वर्षा मिश्र, प्रमोद सारस्वत आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
इस विरोध का नेतृत्व कर रहीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना न सिर्फ धार्मिक आस्था को आघात पहुंचाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति, व्यवसाय और जनजीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगी। उनका कहना है कि इस परियोजना के पीछे त्वरित विकास की बजाय व्यावसायिक हित छिपे हुए हैं। प्रदर्शन स्थल पर जय बांकेबिहारी के जयकारों के साथ गूंजते नारों ने साफ कर दिया कि महिलाएं किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जनभावनाओं का सम्मान करें और सरकार इस परियोजना पर पुनर्विचार करें, अन्यथा यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है। सोहन लाल मिश्र, मनमोहन गोस्वामी, नीरज गोस्वामी, देव गोस्वामी, राखी गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, किशोरी मिश्र, श्यामा गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी, वर्षा मिश्र, प्रमोद सारस्वत आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन