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दो फाड़ हुआ जवाहर बाग मुक्ति का आंदोलन
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:45 PM IST
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दो फाड़ हुआ जवाहर बाग मुक्ति का आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर बाग खाली कराने की जवाहर बाग संघर्ष समिति की हुंकार की फूंक केवल तीन घंटे तक भाषणों में ही चली। जब कूच करने का समय आया तो एक पक्ष के ही लोग लाठी लेकर चले। जिला प्रशासन द्वारा लोगों को रोकने के लिए लगाई गई पुलिस और पीएसी से जद्दोजहद के थोड़ी देर बाद ही पूरा मामला शांत हो गया।
जवाहर बाग को खाली कराने के लिए सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति, जवाहर बाग संघर्ष समिति, राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय किसान यूनियन भानु गुट, इंटक आदि के लोगाें ने ऐलान के तहत जवाहरबाग में कूच करने को कहा था। इसे लेकर एसएसपी आवास के सामने बड़ा टेंट लगाया गया और उसमें सुबह से ही नेताओं व कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया।
दोपहर डेढ़ बजे तक सभी दलों के 500 से 600 लोग ही जुट सके। लंबे चौड़े भाषण और नारेबाजी के बाद रालोद के लोगों ने कूच का ऐलान किया तो चंद लोग ही साथ चले। इसमें जिला प्रशासन की तय रणनीति के तहत डीएम कार्यालय के बाहर पुलिस और पीएसी के जवानों ने रोक लिया।
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वहां आधे घंटे तक नारेबाजी और जद्दोजेहाद के बाद लौट आए। वहीं जवाहरबाग संघर्ष समिति, भाजपा और अन्य दलों के लोग तंबू से बाहर तक नहीं निकले और वहीं से भाषण देते रहे।
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जवाहर बाग को खाली कराने के लिए सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति, जवाहर बाग संघर्ष समिति, राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय किसान यूनियन भानु गुट, इंटक आदि के लोगाें ने ऐलान के तहत जवाहरबाग में कूच करने को कहा था। इसे लेकर एसएसपी आवास के सामने बड़ा टेंट लगाया गया और उसमें सुबह से ही नेताओं व कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया।
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दोपहर डेढ़ बजे तक सभी दलों के 500 से 600 लोग ही जुट सके। लंबे चौड़े भाषण और नारेबाजी के बाद रालोद के लोगों ने कूच का ऐलान किया तो चंद लोग ही साथ चले। इसमें जिला प्रशासन की तय रणनीति के तहत डीएम कार्यालय के बाहर पुलिस और पीएसी के जवानों ने रोक लिया।
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वहां आधे घंटे तक नारेबाजी और जद्दोजेहाद के बाद लौट आए। वहीं जवाहरबाग संघर्ष समिति, भाजपा और अन्य दलों के लोग तंबू से बाहर तक नहीं निकले और वहीं से भाषण देते रहे।