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स्वर्ण-रजत पोशाक में दर्शन देंगे ठाकुर बांकेबिहारी
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:22 PM IST
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जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज का प्राकट्य महोत्सव 16 दिसंबर बिहार पंचमी पर धर्म नगरी में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी स्वर्ण-रजत निर्मित पोषाक धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। उनकी प्राकट्य स्थली निधिवनराज और बांकेबिहारी मंदिर में मंगलवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
मंदिर के सेवायत प्रणव गोस्वामी और गुंजन गोस्वामी ने बताया कि 16 दिसंबर को मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा और गुलाब, केसर और हिना के इत्र का छिड़काव किया जाएगा। बिहार पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी को धारण कराई जाने वाली पोशाक दिल्ली के चांदनी चौक के कारीगरों ने तैयार की है।
इसके निर्माण में मोती, मूंगा, पन्ना आदि रत्नों की कारीगरी भी की गई है। ठाकुरजी को पहनाए जाने वाले मुकुट, टिपारा, चंद्रिका, हार, कुंडल, बाजूबंद, कमरबंद सहित 16 वस्त्रों का निर्माण भी स्वर्ण-रजत और विशेष रत्नों से किया गया है।
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वर्ष में एक दिन होता है पंचगव्य से अभिषेक
बिहार पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी के पंचगव्य से होने वाले अभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बताए अनुसार बिहार पंचमी को सेवायत सुबह सात बजे अपने आराध्य को चांदी के 30 किलोग्राम बजनी डोंगे में विराजमान करते हैं। इसके बाद घी, शहद, बूरा, दूध और दही के साथ-साथ गुलाब जल से ठाकुरजी का अभिषेक कराया जाता है।
ठंड से बचाव के लिए इसी दिन से ठाकुरजी को चंदन के स्थान पर केसर लगाने का भी क्रम शुरू हो जाता है। अभिषेक के दर्शन सेवायतों के अलावा अन्य श्रद्धालुओं को सुलभ नहीं होते। अभिषेक मंदिर में पर्दा डालकर किया जाता है। वर्ष में बिहार पंचमी पर ही एक दिन चरणामृत के स्थान पर भक्तों को पंचामृत बांटा जाता है।
नगर में भव्य शोभायात्रा आज
ठाकुर बांकेेबिहारी के प्राकट्य महोत्सव पर 16 दिसंबर को उनकी प्राकट्य स्थली निधिवनराज से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजक भिक्की गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के प्राकट्य स्थल निधिवनराज में सुबह पांच बजे अभिषेक, 7:00 बजे बधाई गायन और 8:15 बजे स्वामी हरिदास महाराज की आरती होगी। इसके बाद 8:30 बजे से निधिवनराज मंदिर से बधाई शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह नगर केे विभिन्न मार्गों से होकर बांकेेबिहारी मंदिर पहुंचेगी। इस बार शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण मुंबई के ढोल नगाड़ों की शृंखला होगा।
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मंदिर के सेवायत प्रणव गोस्वामी और गुंजन गोस्वामी ने बताया कि 16 दिसंबर को मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा और गुलाब, केसर और हिना के इत्र का छिड़काव किया जाएगा। बिहार पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी को धारण कराई जाने वाली पोशाक दिल्ली के चांदनी चौक के कारीगरों ने तैयार की है।
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इसके निर्माण में मोती, मूंगा, पन्ना आदि रत्नों की कारीगरी भी की गई है। ठाकुरजी को पहनाए जाने वाले मुकुट, टिपारा, चंद्रिका, हार, कुंडल, बाजूबंद, कमरबंद सहित 16 वस्त्रों का निर्माण भी स्वर्ण-रजत और विशेष रत्नों से किया गया है।
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वर्ष में एक दिन होता है पंचगव्य से अभिषेक
बिहार पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी के पंचगव्य से होने वाले अभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बताए अनुसार बिहार पंचमी को सेवायत सुबह सात बजे अपने आराध्य को चांदी के 30 किलोग्राम बजनी डोंगे में विराजमान करते हैं। इसके बाद घी, शहद, बूरा, दूध और दही के साथ-साथ गुलाब जल से ठाकुरजी का अभिषेक कराया जाता है।
ठंड से बचाव के लिए इसी दिन से ठाकुरजी को चंदन के स्थान पर केसर लगाने का भी क्रम शुरू हो जाता है। अभिषेक के दर्शन सेवायतों के अलावा अन्य श्रद्धालुओं को सुलभ नहीं होते। अभिषेक मंदिर में पर्दा डालकर किया जाता है। वर्ष में बिहार पंचमी पर ही एक दिन चरणामृत के स्थान पर भक्तों को पंचामृत बांटा जाता है।
नगर में भव्य शोभायात्रा आज
ठाकुर बांकेेबिहारी के प्राकट्य महोत्सव पर 16 दिसंबर को उनकी प्राकट्य स्थली निधिवनराज से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजक भिक्की गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के प्राकट्य स्थल निधिवनराज में सुबह पांच बजे अभिषेक, 7:00 बजे बधाई गायन और 8:15 बजे स्वामी हरिदास महाराज की आरती होगी। इसके बाद 8:30 बजे से निधिवनराज मंदिर से बधाई शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह नगर केे विभिन्न मार्गों से होकर बांकेेबिहारी मंदिर पहुंचेगी। इस बार शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण मुंबई के ढोल नगाड़ों की शृंखला होगा।