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Mathura News: डाकघर में दो माह से नहीं है डाक सामग्री
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कोसीकलां। डाकघर में करीब दो माह से डाक सामग्री न मिलने से दुकानदार, व्यापारी, उद्यमी परेशान हैं। यहां तक की 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर तक नहीं मिल पा रहे हैं। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं आरटीआई कार्यकर्ता सूचना के अधिकार के तहत आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जनपद के औद्योगिक क्षेत्र के डाकघर की हालत बदतर हैं। यहां केवल स्पीड पोस्ट के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं रहा है। डाकघर में टिकट, लिफाफा नहीं है, इससे लोगों को अनावश्यक रूप से 55 रुपये स्पीड पोस्ट में खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं सरकारी नौकरियों, शिक्षा, संस्थागत आवेदनों, आरटीआई आदि में पोस्टल ऑर्डर की आवश्यकता होती है।
किसी भी संस्था में शुल्क चुकाने के लिए पोस्टल ऑर्डर को डीडी के रूप में उपयोग किया जाता है। डाकघर में 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर करीब दो महीने से नहीं मिल रहे हैं। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्र परेशान हैं। आरटीआई आवेदक भी डाकघर से लौट रहे हैं। आवेदक के पास बैंक से 10 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर और जन सुविधा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन करने का ही विकल्प है।
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मंगलवार को जब नगर विकास समिति के योगेश खंडेलवाल पोस्टल ऑर्डर खरीदने गए थे उन्हें पता लगा कि 10 रुपये वाला पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध नहीं है। वह सरकारी विभागों से जानकारी मांगने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन करते हैं। श्रीजी पुरम निवासी राहुल जैन कामियां डाकघर में 5-5 रुपये वाली टिकट खरीदने गए तो नहीं मिलीं। इस संबंध में पोस्ट मास्टर मधु से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल नहीं उठाया।
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जनपद के औद्योगिक क्षेत्र के डाकघर की हालत बदतर हैं। यहां केवल स्पीड पोस्ट के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं रहा है। डाकघर में टिकट, लिफाफा नहीं है, इससे लोगों को अनावश्यक रूप से 55 रुपये स्पीड पोस्ट में खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं सरकारी नौकरियों, शिक्षा, संस्थागत आवेदनों, आरटीआई आदि में पोस्टल ऑर्डर की आवश्यकता होती है।
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किसी भी संस्था में शुल्क चुकाने के लिए पोस्टल ऑर्डर को डीडी के रूप में उपयोग किया जाता है। डाकघर में 10 रुपये के पोस्टल ऑर्डर करीब दो महीने से नहीं मिल रहे हैं। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्र परेशान हैं। आरटीआई आवेदक भी डाकघर से लौट रहे हैं। आवेदक के पास बैंक से 10 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर और जन सुविधा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन करने का ही विकल्प है।
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मंगलवार को जब नगर विकास समिति के योगेश खंडेलवाल पोस्टल ऑर्डर खरीदने गए थे उन्हें पता लगा कि 10 रुपये वाला पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध नहीं है। वह सरकारी विभागों से जानकारी मांगने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन करते हैं। श्रीजी पुरम निवासी राहुल जैन कामियां डाकघर में 5-5 रुपये वाली टिकट खरीदने गए तो नहीं मिलीं। इस संबंध में पोस्ट मास्टर मधु से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल नहीं उठाया।