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पुलिस की बर्बरता : नेत्रहीनों को स्कूल से निकालकर पीटा, दान में मिली जमीन को लेकर विवाद; एक गंभीर घायल
Thu, 06 Mar 2025 12:51 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:51 AM IST
सार
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में जतीपुरा स्थित जमीन को दान किया गया था। आरोप है कि इस जमीन को खाली न करने पर पुलिस ने सामान फेंक दिया। नेत्रहीनों से मारपीट की।
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नेत्रहीनों से मारपीट करती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में जतीपुरा स्थित एक नेत्रहीन विद्यालय में खाकी ने तांडव किया। पुलिसकर्मियों ने पूजा पाठ करने वाले नेत्रहीनों को स्कूल से बाहर निकालकर सड़क पर पीटा। बुधवार को इसकी शिकायत करने के लिए पीड़ित एसएसपी कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
जतीपुरा रोड स्थित रामेश्वर वाली बगीची निवासी नेत्रहीन संजू बाबा ने बताया कि 40 साल पहले गोवर्धन के रहने वाले बाला सेठ ने कुछ जमीन उन्हें दान में दी थी। यहां गिरिराज मंदिर बना है। साथ ही यहीं पर भगवान दास अंध विद्यालय बना है। विद्यालय में नेत्रहीन बच्चों को संगीत आदि की शिक्षा दी जाती है।
उन्होंने बताया कि यह जमीन कई बार बिक चुकी है। पिछले काफी दिनों से यहां प्लॉट काटे जा रहे हैं। उन्हें कभी कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन चार माह पहले जमीन दान देने वाले बाला सेठ की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्हें जमीन खाली करने के लिए परेशान किया जाने लगा।
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आरोप है कि बुधवार को थाने से दरोगा, सिपाही और कुछ अज्ञात लोग आए। उन्होंने गाली-गलौज की। यहां तक की नेत्रहीनों को स्कूल से बाहर निकाल दिया और लाठी से पिटाई लगाई। पुलिस के पिटाई से मूलचंद को गंभीर चोट आई।
प्रशिक्षु आईपीएस गोल्डी गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की। नेत्रहीन जिस जमीन पर रह रहे हैं, उस जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मौके पर शांति व्यवस्था देखने के लिए दरोगा और सिपाही गए थे। नेत्रहीन अभी भी अपने स्थान पर काबिज हैं। जो वीडियो दिखाया जा रहा है, उसमें भी पुलिसकर्मी मारपीट करते नहीं दिख रहे हैं।
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जतीपुरा रोड स्थित रामेश्वर वाली बगीची निवासी नेत्रहीन संजू बाबा ने बताया कि 40 साल पहले गोवर्धन के रहने वाले बाला सेठ ने कुछ जमीन उन्हें दान में दी थी। यहां गिरिराज मंदिर बना है। साथ ही यहीं पर भगवान दास अंध विद्यालय बना है। विद्यालय में नेत्रहीन बच्चों को संगीत आदि की शिक्षा दी जाती है।
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उन्होंने बताया कि यह जमीन कई बार बिक चुकी है। पिछले काफी दिनों से यहां प्लॉट काटे जा रहे हैं। उन्हें कभी कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन चार माह पहले जमीन दान देने वाले बाला सेठ की मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्हें जमीन खाली करने के लिए परेशान किया जाने लगा।
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आरोप है कि बुधवार को थाने से दरोगा, सिपाही और कुछ अज्ञात लोग आए। उन्होंने गाली-गलौज की। यहां तक की नेत्रहीनों को स्कूल से बाहर निकाल दिया और लाठी से पिटाई लगाई। पुलिस के पिटाई से मूलचंद को गंभीर चोट आई।
प्रशिक्षु आईपीएस गोल्डी गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की। नेत्रहीन जिस जमीन पर रह रहे हैं, उस जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मौके पर शांति व्यवस्था देखने के लिए दरोगा और सिपाही गए थे। नेत्रहीन अभी भी अपने स्थान पर काबिज हैं। जो वीडियो दिखाया जा रहा है, उसमें भी पुलिसकर्मी मारपीट करते नहीं दिख रहे हैं।