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पाइपलाइन लीकेज से फटे मकान, दीवार और छतों में दरारें
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:51 PM IST
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लीकेज से फटे मकान
- फोटो : अमर उजाला
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ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के पीछे मोहल्ला कांजीपाड़ा में करीब एक दर्जन मकान फट गए हैं। इसमें से आधा दर्जन कभी भी धराशायी हो सकते हैं। इनकी दीवार और छतों में बड़ी-बड़ी दरार हैं। भय के कारण लोगों ने घर छोड़ दिया है। कोई रिश्तेदार के यहां आसरा ले रहा है तो किसी ने परिचित के घर शरण ली है।
बीते तीन दिन से कांजीपाड़ा के मकानों में दरार आ रही थीं। बीती रात अचानक यह दरारें इस कदर बढ़ गई कि पिछले कई सालों से बंद पड़े प्राइमरी विद्यालय के जर्जर भवन का एक हिस्सा जमीन पर आ गया। शाजिक अली, सिराज खान, मेहराज के मकान की दीवार और छत अलग-अलग हो गई। सगीर मोहम्मद और मोहम्मद का परिवार घर का हाल देख भयभीत हो गया। कुछ यही हाल रामबाबू चौहान के मकान का हुआ है।
रात किसी तरह भय के बीच खत्म हुई कि सुबह होते ही घर छोड़ने का फैसला कर लिया। इन सभी लोगों ने अपना सामान लेकर रिश्तेदार और मित्रों के यहां आसरा ले लिया है। पप्पू, राशिद, नूर मोहम्मद, आरसी चतुर्वेदी, मुख्तियार सिंह के मकान की दीवारें भी दरक गई हैं। पूरा मोहल्ला भयभीत है।
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किराए का मकान भी गया
सिराज खान ने बताया कि मकान में अब रहना संभव नहीं है। पता नहीं कब क्या हादसा हो जाए। जलीसा तो यहां किराए के मकान में रह रहीं थीं, लेकिन किराए का मकान भी अब रहने लायक नहीं रहा है। पूर्व सभासद शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि यह स्थिति पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण पैदा हुई है। इसकी सूचना दो दिन पहले ही पालिका को दे दी थी, लेकिन जमीन धंसने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी है। इस स्थिति ने अनेक लोगों को बेघर कर दिया। पप्पू भाई और रजिक अली कहते हैं कि मोहल्ले का हाल देखकर डर लगता है। जवाहर सिंह का कहना है कि समय रहते लीकेज देख लेते तो शायद यह हाल नहीं होता।
स्वामीघाट पर लगाया जाम
कांजीपाड़ा में मकान फटने की घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने स्वामी घाट तिराहे पर जाम लगा दिया। इससे करीब आधा घंटे तक आवागमन ठप रहा। इसी दौरान बरसात होने के कारण जाम खुल गया।
पुरानी है समस्या
पुराने शहर में टीलानुमा जगह होने के चलते मकानों के फटने की समस्या बहुत पुरानी है। इस समस्या का समाधान खोजने की सार्थक पहल कभी नहीं की गई। इसका खामियाज शहर के सैकड़ों लोगों को अब तक भुगतना पड़ गया है।
मकान फटने की जिम्मेदार पालिकाध्यक्ष
समाजवादी लोहिया वाहिनी ने काजीपाड़ा में धाराशायी हुए मकानों के लिए पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। महानगर अध्यक्ष मुन्ना मलिक का कहना है कि कई बार पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता और पालिका के अफसरों को लीकेज के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब मकान धाराशायी हो गए।
कांजीपाड़ा में पाइपलाइन लीकेज संबंधी सूचना मिलने के बाद जलकल कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेज दिया है। यहां जमीन की खोदाई कर लाइन चेक की जा रही है। कुछ लाइन की मरम्मत भी कर दी गई है।
- डा. ब्रजेश कुमार
ईओ, नगर पालिका मथुरा
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बीते तीन दिन से कांजीपाड़ा के मकानों में दरार आ रही थीं। बीती रात अचानक यह दरारें इस कदर बढ़ गई कि पिछले कई सालों से बंद पड़े प्राइमरी विद्यालय के जर्जर भवन का एक हिस्सा जमीन पर आ गया। शाजिक अली, सिराज खान, मेहराज के मकान की दीवार और छत अलग-अलग हो गई। सगीर मोहम्मद और मोहम्मद का परिवार घर का हाल देख भयभीत हो गया। कुछ यही हाल रामबाबू चौहान के मकान का हुआ है।
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रात किसी तरह भय के बीच खत्म हुई कि सुबह होते ही घर छोड़ने का फैसला कर लिया। इन सभी लोगों ने अपना सामान लेकर रिश्तेदार और मित्रों के यहां आसरा ले लिया है। पप्पू, राशिद, नूर मोहम्मद, आरसी चतुर्वेदी, मुख्तियार सिंह के मकान की दीवारें भी दरक गई हैं। पूरा मोहल्ला भयभीत है।
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किराए का मकान भी गया
सिराज खान ने बताया कि मकान में अब रहना संभव नहीं है। पता नहीं कब क्या हादसा हो जाए। जलीसा तो यहां किराए के मकान में रह रहीं थीं, लेकिन किराए का मकान भी अब रहने लायक नहीं रहा है। पूर्व सभासद शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि यह स्थिति पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण पैदा हुई है। इसकी सूचना दो दिन पहले ही पालिका को दे दी थी, लेकिन जमीन धंसने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी है। इस स्थिति ने अनेक लोगों को बेघर कर दिया। पप्पू भाई और रजिक अली कहते हैं कि मोहल्ले का हाल देखकर डर लगता है। जवाहर सिंह का कहना है कि समय रहते लीकेज देख लेते तो शायद यह हाल नहीं होता।
स्वामीघाट पर लगाया जाम
कांजीपाड़ा में मकान फटने की घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने स्वामी घाट तिराहे पर जाम लगा दिया। इससे करीब आधा घंटे तक आवागमन ठप रहा। इसी दौरान बरसात होने के कारण जाम खुल गया।
पुरानी है समस्या
पुराने शहर में टीलानुमा जगह होने के चलते मकानों के फटने की समस्या बहुत पुरानी है। इस समस्या का समाधान खोजने की सार्थक पहल कभी नहीं की गई। इसका खामियाज शहर के सैकड़ों लोगों को अब तक भुगतना पड़ गया है।
मकान फटने की जिम्मेदार पालिकाध्यक्ष
समाजवादी लोहिया वाहिनी ने काजीपाड़ा में धाराशायी हुए मकानों के लिए पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। महानगर अध्यक्ष मुन्ना मलिक का कहना है कि कई बार पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता और पालिका के अफसरों को लीकेज के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब मकान धाराशायी हो गए।
कांजीपाड़ा में पाइपलाइन लीकेज संबंधी सूचना मिलने के बाद जलकल कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेज दिया है। यहां जमीन की खोदाई कर लाइन चेक की जा रही है। कुछ लाइन की मरम्मत भी कर दी गई है।
- डा. ब्रजेश कुमार
ईओ, नगर पालिका मथुरा