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Mathura News: ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर में नहीं सज सका फूल बंगला
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बिना सजा हुआ बांकेबिहारी मंदिर ।
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में कामदा एकादशी से सजने वाले फूल बंगले की परंपरा दूसरे दिन ही ध्वस्त हो गई। मंदिर की हाईपावर्ड कमेटी द्वारा बढ़ाए गए शुल्क के कारण सेवायत को सोमवार को राजभोग सेवा में फूल बंगले के लिए कोई यजमान नहीं मिला। इससे मंदिर में फूल बंगला नहीं सज सका। सेवायत ने केवल जगमोहन को ही सजा दिया। फूल बंगले के दिनों में मंदिर सूना पड़ा रहा।
श्री बांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया था कि फूल बंगले के लिए अब प्रति बंगला 1,51000 रुपये जमा कराने होंगे। अब तक केवल 15000 रुपये जमा होते थे। शुल्क बढ़ाने को लेकर सेवायतों ने विरोध भी किया लेकिन कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि जब धनराशि ठाकुरजी के लिए खर्च होती है तो पूरी पारदर्शिता रहनी चाहिए। अब कामदा एकादशी से फूल बंगले सजने शुरू हो गए हैं। दूसरे दिन सोमवार को सुबह मंदिर में फूल बंगला नहीं सजाया गया।
सेवाधिकारी मुकुंद गोस्वामी ने कमेटी को बताया कि उनको यजमान नहीं मिले। वहीं कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि ऐसा जानबूझकर किया गया है। सेवाधिकारी को इस बात से पहले अवगत करना चाहिए था। अगर वह समय से बता देते तो फूल बंगले का इंतजाम कर दिया जाता। उनके पास ऐसे कई लोग हैं जो फूल बंगले के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। शाम के समय फूल बंगले सजाए जा रहे हैं।
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अब तक बंगले हो जाते थे फुल
वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में नए नियम से फूल बंगले की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं कई तिथियां अब भी खाली हैं। बढ़े हुए शुल्क के कारण श्रद्धालुओं की रुचि पहले की तुलना में कम होती दिखाई दे रही है। पिछले वर्षों में इस समय तक फूल बंगला सेवा के लिए लगभग सभी तिथियां बुक हो जाती थीं। श्रद्धालु अगले वर्ष के लिए भी अग्रिम बुकिंग करा लेते थे। इस बार स्थिति अलग है अभी तक अपेक्षित संख्या में बुकिंग नहीं हो पाई हैं। नए नियमों के तहत फूल बंगला बुक कराने के लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। इन बदलावों के चलते कई श्रद्धालु असहज महसूस कर रहे हैं। संवाद
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श्री बांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया था कि फूल बंगले के लिए अब प्रति बंगला 1,51000 रुपये जमा कराने होंगे। अब तक केवल 15000 रुपये जमा होते थे। शुल्क बढ़ाने को लेकर सेवायतों ने विरोध भी किया लेकिन कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि जब धनराशि ठाकुरजी के लिए खर्च होती है तो पूरी पारदर्शिता रहनी चाहिए। अब कामदा एकादशी से फूल बंगले सजने शुरू हो गए हैं। दूसरे दिन सोमवार को सुबह मंदिर में फूल बंगला नहीं सजाया गया।
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सेवाधिकारी मुकुंद गोस्वामी ने कमेटी को बताया कि उनको यजमान नहीं मिले। वहीं कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि ऐसा जानबूझकर किया गया है। सेवाधिकारी को इस बात से पहले अवगत करना चाहिए था। अगर वह समय से बता देते तो फूल बंगले का इंतजाम कर दिया जाता। उनके पास ऐसे कई लोग हैं जो फूल बंगले के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। शाम के समय फूल बंगले सजाए जा रहे हैं।
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अब तक बंगले हो जाते थे फुल
वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में नए नियम से फूल बंगले की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं कई तिथियां अब भी खाली हैं। बढ़े हुए शुल्क के कारण श्रद्धालुओं की रुचि पहले की तुलना में कम होती दिखाई दे रही है। पिछले वर्षों में इस समय तक फूल बंगला सेवा के लिए लगभग सभी तिथियां बुक हो जाती थीं। श्रद्धालु अगले वर्ष के लिए भी अग्रिम बुकिंग करा लेते थे। इस बार स्थिति अलग है अभी तक अपेक्षित संख्या में बुकिंग नहीं हो पाई हैं। नए नियमों के तहत फूल बंगला बुक कराने के लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। इन बदलावों के चलते कई श्रद्धालु असहज महसूस कर रहे हैं। संवाद