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Mathura News: रकम न देने पर रुकी पेंशन, नहीं सुन रहे अफसर
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फरह (मथुरा)। ब्लॉक में काम के नाम पर रकम लेना आम बात हो चली है। एक माह पूर्व बुजुर्ग दंपती से एक हजार रुपये और मांगने और न देने पर पेंशन रुकवाने के मामले में अब तक अफसरों ने कार्रवाई नहीं की है। बस यही कहा जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
21 नवंबर को गांव किरारई निवासी बुजुर्ग दंपती ओमप्रकाश व उनकी पत्नी रेशम से ब्लाॅक में तैनात एक कर्मी ने वृद्धावस्था पेंशन के नाम पर रकम मांगी थी। रकम न देने पर बदसलूकी की गई थी। अब तक रेशम की पेंशन नहीं आई। बैंक पासबुक भी कर्मचारी के पास ही है। महिला रेशम को पैरों से चलने फिरने में भी परेशानी है। इसके बाद भी वह पेंशन के लिए ब्लॉक के चक्कर काट रही है। शिकायत के बाद भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं खंड विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि जिस शख्स पर आरोप है वह ब्लॉक कर्मी नहीं है। पेंशन न आने की जांच की जा रही है ।
सचिवों के ऑफिस में बैठते हैं बाहरी
सूत्रों के अनुसार, ब्लाॅक के सचिवों के कार्यालयों में हर समय बाहरी बैठे रहते हैं। उनके माध्यम से ही लेन-देन के कार्य होते हैं। पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह, राजदर्शन पचौरी ने बताया कि बिना लेनदेन के मृत्यु और जन्म प्रमाणपत्र भी नहीं बनता है।
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21 नवंबर को गांव किरारई निवासी बुजुर्ग दंपती ओमप्रकाश व उनकी पत्नी रेशम से ब्लाॅक में तैनात एक कर्मी ने वृद्धावस्था पेंशन के नाम पर रकम मांगी थी। रकम न देने पर बदसलूकी की गई थी। अब तक रेशम की पेंशन नहीं आई। बैंक पासबुक भी कर्मचारी के पास ही है। महिला रेशम को पैरों से चलने फिरने में भी परेशानी है। इसके बाद भी वह पेंशन के लिए ब्लॉक के चक्कर काट रही है। शिकायत के बाद भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं खंड विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि जिस शख्स पर आरोप है वह ब्लॉक कर्मी नहीं है। पेंशन न आने की जांच की जा रही है ।
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सचिवों के ऑफिस में बैठते हैं बाहरी
सूत्रों के अनुसार, ब्लाॅक के सचिवों के कार्यालयों में हर समय बाहरी बैठे रहते हैं। उनके माध्यम से ही लेन-देन के कार्य होते हैं। पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह, राजदर्शन पचौरी ने बताया कि बिना लेनदेन के मृत्यु और जन्म प्रमाणपत्र भी नहीं बनता है।
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