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पवित्रा एकादशी पर बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भीड़
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:05 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
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पवित्रा एकादशी पर रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए मानो जन समुद्र उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर के अंदर और बाहर अपने आराध्य के दर्शन के लिए जुटी थी। मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि पवित्रा एकादशी पर मंदिर के सेवायतों और भक्तों ने ठाकुरजी को रेशम की माला अर्पित की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा की लगाई। अव्यवस्थाओं के चलते भक्तों को परेशानी उठानी पड़ी।
जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के दबाव के चलते कई श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ गई। रविवार दोपहर मंदिर में भारी भीड़ के दबाव के चलते हरियाणा के पलवल जिले के सीकरी गांव से आईं ब्राह्मादेवी (61) गेट नंबर एक पर मंदिर के अंदर जाते समय जमीन पर गिर गईं और बेहोश हो गईं।
उनके साथ आए उनके पति हेमराज और बेटा सुरेश उन्हें गोद में उठाकर बाहर लेकर आए। एक सेवायत के तख्त पर उन्हें लिटाकर हवा करते रहे। हेमराज उपचार की व्यवस्था के लिए यहां से वहां भागते रहे। प्याऊ से पानी लाकर पत्नी को पिलाने का प्रयास किया। करीब 10 मिनट बाद ब्रह्मादेवी को होश आया। इधर, हरियाणा के होडल निवासी वृद्ध हरनाथ की तबियत बिगड़ गई।
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मंदिर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं नगण्य
ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब के कारण महिला के बेहोश होने और कई श्रद्धालुओं की तबियत खराब होने के बाद एक बार फिर मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। मंदिर में किसी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दिखीं।
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी, ब्रजकिशोर गोस्वामी, प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने स्वीकारा कि मंदिर परिसर में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है। वे इसके लिए अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
पूर्व में हुई घटनाएं
- 27 अप्रैल 2009 को अक्षय तृतीया के अवसर पर मंदिर में दम घुटने से कानपुर निवासी 58 वर्षीय रमा माहेश्वरी की मौत हो गई थी, जबकि रोहिणी निवासी सरला ग्रेवाल और रोहतक निवासी ब्रह्मानंद घायल हुए।
- 21 जुलाई 2012 को हरियाली तीज से एक दिन पूर्व मंदिर में भीड़ के रेले में दिल्ली के शकरपुर निवासी देशराज (67) की दम घुटने से मौत हो गई।
- 19 अगस्त 2012 को बांकेबिहारी मंदिर में लगी स्टील की रेलिंग टूटने से कई श्रद्धालु और बच्चे घायल हुए थे।
- नौ सितंबर 2012 को हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता (62) और चंदौसी निवासी बीना शर्मा (60) रेलिंग में फंसकर घायल हो गईं।
ठाकुरजी ने हिंडोले में दिए दर्शन
सेवाकुंज स्थित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में ठाकुर राधाललित माधव का झूलनोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य मनाया जा रहा है। रविवार को झूलनोत्सव के अंतर्गत ठाकुर राधाललित माधव महाराज का दिव्य झांकी दर्शन उत्सव आयोजित किया गया। इसमें देश और विदेश के भक्तों ने अपने आराध्य को झूले में झुलाया।
मंदिर सेवायत भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान की आराधना और उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान बिहारीलाल वशिष्ठ, हरिदेव दास, राधानाथ दास, सावित्री दासी, तरुणी दासी आदि मौजूद रहे। इधर, इस्कान कृष्ण बलाराम मंदिर में भी ठाकुरजी ने हिंडोले में दर्शन दिए। मंदिर में देश और विदेशी के भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया गया।
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जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के दबाव के चलते कई श्रद्धालुओं की तबियत बिगड़ गई। रविवार दोपहर मंदिर में भारी भीड़ के दबाव के चलते हरियाणा के पलवल जिले के सीकरी गांव से आईं ब्राह्मादेवी (61) गेट नंबर एक पर मंदिर के अंदर जाते समय जमीन पर गिर गईं और बेहोश हो गईं।
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उनके साथ आए उनके पति हेमराज और बेटा सुरेश उन्हें गोद में उठाकर बाहर लेकर आए। एक सेवायत के तख्त पर उन्हें लिटाकर हवा करते रहे। हेमराज उपचार की व्यवस्था के लिए यहां से वहां भागते रहे। प्याऊ से पानी लाकर पत्नी को पिलाने का प्रयास किया। करीब 10 मिनट बाद ब्रह्मादेवी को होश आया। इधर, हरियाणा के होडल निवासी वृद्ध हरनाथ की तबियत बिगड़ गई।
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मंदिर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं नगण्य
ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब के कारण महिला के बेहोश होने और कई श्रद्धालुओं की तबियत खराब होने के बाद एक बार फिर मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। मंदिर में किसी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दिखीं।
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी, ब्रजकिशोर गोस्वामी, प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने स्वीकारा कि मंदिर परिसर में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है। वे इसके लिए अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
पूर्व में हुई घटनाएं
- 27 अप्रैल 2009 को अक्षय तृतीया के अवसर पर मंदिर में दम घुटने से कानपुर निवासी 58 वर्षीय रमा माहेश्वरी की मौत हो गई थी, जबकि रोहिणी निवासी सरला ग्रेवाल और रोहतक निवासी ब्रह्मानंद घायल हुए।
- 21 जुलाई 2012 को हरियाली तीज से एक दिन पूर्व मंदिर में भीड़ के रेले में दिल्ली के शकरपुर निवासी देशराज (67) की दम घुटने से मौत हो गई।
- 19 अगस्त 2012 को बांकेबिहारी मंदिर में लगी स्टील की रेलिंग टूटने से कई श्रद्धालु और बच्चे घायल हुए थे।
- नौ सितंबर 2012 को हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता (62) और चंदौसी निवासी बीना शर्मा (60) रेलिंग में फंसकर घायल हो गईं।
ठाकुरजी ने हिंडोले में दिए दर्शन
सेवाकुंज स्थित श्रीकृष्ण बलराम मंदिर में ठाकुर राधाललित माधव का झूलनोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य मनाया जा रहा है। रविवार को झूलनोत्सव के अंतर्गत ठाकुर राधाललित माधव महाराज का दिव्य झांकी दर्शन उत्सव आयोजित किया गया। इसमें देश और विदेश के भक्तों ने अपने आराध्य को झूले में झुलाया।
मंदिर सेवायत भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान की आराधना और उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान बिहारीलाल वशिष्ठ, हरिदेव दास, राधानाथ दास, सावित्री दासी, तरुणी दासी आदि मौजूद रहे। इधर, इस्कान कृष्ण बलाराम मंदिर में भी ठाकुरजी ने हिंडोले में दर्शन दिए। मंदिर में देश और विदेशी के भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया गया।