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Mathura News: 19000 से अधिक अवैध ई रिक्शा दौड़ रहे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:06 AM IST
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Over 19,000 Illegal E-Rickshaws Are Plying
चुंगी चौराहे पर ई रिक्शाओं से लगा जाम। संवाद
तुषार चौहान
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वृंदावन। शहर में ई-रिक्शा का अनियंत्रित संचालन लगातार गंभीर समस्या बनता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जहां 3300 ई-रिक्शा ही पंजीकृत हैं, वहीं सड़कों पर करीब 22,500 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इस भारी अंतर को लेकर हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे गए। जब अधिकारियों से पूछा गया कि इतने बड़े पैमाने पर बिना पंजीकरण के ई-रिक्शा कैसे संचालित हो रहे हैं तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर में ई-रिक्शा का मकड़जाल फैल चुका है। बिना नियंत्रण के चल रहे ई-रिक्शा न केवल यातायात व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि कई स्थानों पर जाम की बड़ी वजह भी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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बैठक में यह भी सामने आया कि ई-रिक्शा के पंजीकरण की व्यवस्था लागू होने के बावजूद शहर में अवैध संचालन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। सड़कों पर बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा चल रहे हैं। वृंदावन में सड़कों पर दौड़ रहे 19000 से अधिक ई रिक्शा न तो परिवहन विभाग में पंजीकरण है और न ही उनका कोई वैध रिकॉर्ड उपलब्ध है। इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अभी हाल में हुई कमेटी की बैठक में अध्यक्ष ने संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों से पूछा कि जब पंजीकरण की अनिवार्यता लागू है तो फिर इतने बड़े स्तर पर बिना रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा कैसे चल रहे हैं। इस सवाल पर परिवहन विभाग के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में अगली बैठक में आरटीओ को मौजूद रहने के भी आदेश दिए हैं।
कमेटी ने सुझाव दिया कि शहर में ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए। साथ ही बिना पंजीकरण के चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में भेज रहे हैं और साथ ही शासन को भी अवगत कराएंगे कि कितने बड़े पैमाने पर सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है। संवाद



गलियों तक में जाम लगाते हैं ई रिक्शा
ई रिक्शों से नगर की प्रमुख मार्ग ही नहीं गलियां तक जाम रहती हैं। कई बार पुलिस ने ई रिक्शाओं पर सख्ती की लेकिन कुछ दिन बार जस के तस हालात हो जाते हैं।
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