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नोटबंदी के साथ ही झंडे बनवाने लगी थीं पार्टियां
पुनीत शर्मा
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:34 AM IST
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झंडे-बैनर
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी का एलान होने के साथ ही 2017 के चुनाव में किस्मत आजमाने को जोड़तोड़ कर रहे सियासी दिग्गज झंडे और बैनर बनवाने दौड़ पड़े थे। मथुरा और सूरत की प्रिंटिंग फैक्ट्रियों को बड़े-बड़े आर्डर दिए गए। जो प्रचार सामग्री कभी चुनाव का एलान होने के बाद छपती थी वह इस बार महीने भर पहले ही तैयार हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की शाम को नोटबंदी का एलान किया था। 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए गए थे। यूं तो इस एलान से हर कोई प्रभावित रहा लेकिन सबसे ज्यादा बेचैन वो लोग हो गए जिनके पास एक हजार और पांच सौ के नोट बहुतायत में थे। इनमें एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी थी जो आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। किसी को टिकट मिल गया है तो कोई टिकट के लिए लाइन में है। इन लोगों ने जमा रकम का प्रयोग प्रचार सामग्री बनवाने में किया। झंडे और बैनर बनाने के आर्डर दे दिए गए।
उत्तर प्रदेश में झंडे और पटके बनाने वाली फैक्ट्रियां केवल मथुरा में ही हैं। यहां तकरीबन 50 फैक्ट्रियां हैं जो प्रचार सामग्री बनाती हैं। इन फैक्ट्रियों में ही 8 नवंबर से 8 दिसंबर तक करीब 1 करोड़ मीटर कपड़े का इस्तेमाल झंडे और पटके बनाने में हो चुका है। इन फैक्ट्रियों को आर्डर देने वाले भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद के प्रत्याशी या फिर दावेदार हैं। फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि आमतौर पर चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही प्रत्याशी प्रचार सामग्री के लिए आते थे मगर इस बार इलेक्शन तय नहीं हुआ और झंडे-बैनर तैयार कराकर रख लिए गए हैं।
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फैक्ट्री मालिक जय कुमार का कहना है कि इस बार चुनाव से पहले ही प्रचार सामग्री की डिमांड बढ़ गई थी। प्रचार सामग्री के होलसेलर भी नोटबंदी के दौरान प्रचार सामग्री के आर्डर दे रहे थे। विशाल कुमार ने बताया कि प्रचार सामग्री के आर्डर इस बार नवंबर में ज्यादा आए। चुनाव का काम लोगों को समय से पहले ही मिल गया था। वहीं सियासी लोगों ने होर्डिंग बनवाने को भी एडवांस में पैसा दे दिया है। जगह-जगह होर्डिंग्स लगवाए भी जाने लगे हैं।
प्रत्याशियों ने सूरत में तैयार कराई प्रचार सामग्री
सूरत में झंडे और बैनर बनाने का काम बड़ी मात्रा में होता है। वहां तो 500 से भी ज्यादा छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशियों ने प्रचार सामग्री का आर्डर सूरत तक दिया है। बड़े पैमाने पर सामग्री को तैयार कराया गया है। पार्टियों ने अपने चुनाव चिन्ह जैसी साड़ियां भी तैयार कराई हैं। माना जा रहा है कि इन साड़ियों को चुनाव में वितरित किया जाएगा। पार्टी मुख्यालयों से भी सूरत आर्डर भेजे गए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की शाम को नोटबंदी का एलान किया था। 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए गए थे। यूं तो इस एलान से हर कोई प्रभावित रहा लेकिन सबसे ज्यादा बेचैन वो लोग हो गए जिनके पास एक हजार और पांच सौ के नोट बहुतायत में थे। इनमें एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी थी जो आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। किसी को टिकट मिल गया है तो कोई टिकट के लिए लाइन में है। इन लोगों ने जमा रकम का प्रयोग प्रचार सामग्री बनवाने में किया। झंडे और बैनर बनाने के आर्डर दे दिए गए।
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उत्तर प्रदेश में झंडे और पटके बनाने वाली फैक्ट्रियां केवल मथुरा में ही हैं। यहां तकरीबन 50 फैक्ट्रियां हैं जो प्रचार सामग्री बनाती हैं। इन फैक्ट्रियों में ही 8 नवंबर से 8 दिसंबर तक करीब 1 करोड़ मीटर कपड़े का इस्तेमाल झंडे और पटके बनाने में हो चुका है। इन फैक्ट्रियों को आर्डर देने वाले भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद के प्रत्याशी या फिर दावेदार हैं। फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि आमतौर पर चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही प्रत्याशी प्रचार सामग्री के लिए आते थे मगर इस बार इलेक्शन तय नहीं हुआ और झंडे-बैनर तैयार कराकर रख लिए गए हैं।
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फैक्ट्री मालिक जय कुमार का कहना है कि इस बार चुनाव से पहले ही प्रचार सामग्री की डिमांड बढ़ गई थी। प्रचार सामग्री के होलसेलर भी नोटबंदी के दौरान प्रचार सामग्री के आर्डर दे रहे थे। विशाल कुमार ने बताया कि प्रचार सामग्री के आर्डर इस बार नवंबर में ज्यादा आए। चुनाव का काम लोगों को समय से पहले ही मिल गया था। वहीं सियासी लोगों ने होर्डिंग बनवाने को भी एडवांस में पैसा दे दिया है। जगह-जगह होर्डिंग्स लगवाए भी जाने लगे हैं।
प्रत्याशियों ने सूरत में तैयार कराई प्रचार सामग्री
सूरत में झंडे और बैनर बनाने का काम बड़ी मात्रा में होता है। वहां तो 500 से भी ज्यादा छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए घोषित प्रत्याशियों ने प्रचार सामग्री का आर्डर सूरत तक दिया है। बड़े पैमाने पर सामग्री को तैयार कराया गया है। पार्टियों ने अपने चुनाव चिन्ह जैसी साड़ियां भी तैयार कराई हैं। माना जा रहा है कि इन साड़ियों को चुनाव में वितरित किया जाएगा। पार्टी मुख्यालयों से भी सूरत आर्डर भेजे गए हैं।