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मथुरा-वृंदावन में बनेगा एक हजार की क्षमता का ऑडिटोरियम
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मथुरा। करीब पांच साल से धनाभाव के कारण मथुरा-वृंदावन के मध्य बनने वाले प्रस्तावित ऑडिटोरियम को अब शासन ने उप्र ब्रजतीर्थ विकास परिषद को हस्तांतरित कर दिया है। पहले इसके निर्माण की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को दी थी। परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने अधिकारियों की टीम के साथ चयनित स्थल का निरीक्षण किया। बताया कि सौ-शैय्या अस्पताल के समीप बनने वाले इस ऑडिटोरियम के समीप पार्किंग, कैंटीन, पंप हाउस, टैंक के साथ-साथ चौकीदार आवास बनाया जाएगा।
छह साल से रुके पड़े इस कार्य पर 5 करोड़ रुपये पूर्व में व्यय हो चुके हैं। पूरा प्रोजैक्ट 32 करोड़ 50 लाख रुपये का है। इसका निर्माण जल निगम सीएंडडीएस शाखा करेगी। इसके लिए ब्रजतीर्थ विकास परिषद ने 8 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। निर्माण कार्य के परीक्षण के लिए आईआईटी रुड़की की टीम जल्द यहां आ रही है। मुंबई से ऑडिटोरियम एक्सपर्ट और लखनऊ से आर्कीटेक्ट बुलाए गए हैं।
ज्ञात रहे कि 6 वर्ष पूर्व टैगोर कल्चर कॉम्पलेक्स योजना के तहत निर्माण होना था। निर्माण तो नहीं हो पाया लेकिन योजना अवश्य समाप्त हो गई। साल 2017 से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। निरीक्षण के वक्त मुख्य अभियंता आरके जायसवाल, ब्रजतीर्थ विकास परिषद की तकनीकी टीम के मुखिया सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर एसपी सिंह के साथ अन्य अभियंता मौजूद रहे।
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छह साल से रुके पड़े इस कार्य पर 5 करोड़ रुपये पूर्व में व्यय हो चुके हैं। पूरा प्रोजैक्ट 32 करोड़ 50 लाख रुपये का है। इसका निर्माण जल निगम सीएंडडीएस शाखा करेगी। इसके लिए ब्रजतीर्थ विकास परिषद ने 8 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। निर्माण कार्य के परीक्षण के लिए आईआईटी रुड़की की टीम जल्द यहां आ रही है। मुंबई से ऑडिटोरियम एक्सपर्ट और लखनऊ से आर्कीटेक्ट बुलाए गए हैं।
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ज्ञात रहे कि 6 वर्ष पूर्व टैगोर कल्चर कॉम्पलेक्स योजना के तहत निर्माण होना था। निर्माण तो नहीं हो पाया लेकिन योजना अवश्य समाप्त हो गई। साल 2017 से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। निरीक्षण के वक्त मुख्य अभियंता आरके जायसवाल, ब्रजतीर्थ विकास परिषद की तकनीकी टीम के मुखिया सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर एसपी सिंह के साथ अन्य अभियंता मौजूद रहे।
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