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जिले भर की जिम्मेदारी एक एई पर
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:35 PM IST
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जिले में 13 नगर पंचायत हैं और मथुरा समेत तीन नगरपालिकाएं हैं। हर पालिका और पंचायत में विकास कार्यों के सुपरवीजन के लिए सहायक अभियंता की तैनाती होती है। लेकिन यहां तो एक एई को ही सोलह निकायों का चार्ज दे रखा है। अब जरा सोचिए कि यह जनाब किस तरह से काम कर रहे होंगे।
पूरे जिले में निकायों का सुपरवीजन करने वाले इन एई साहब का नाम है उदयराज सिंह यादव। मथुरा, कोसी और वृंदावन नगरपालिका के एई का जार्च भी इनके ही पास है। सभी तेरह नगर पंचायत भी यही देख रहे हैं। अब एक इंजीनियर इतने बड़े क्षेत्र का सुपरवीजन भला कैसे कर सकता है।
यही वजह है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नहीं आ रही है। सीवर टैंक आंख बंद करके बनाए जा रहे हैं। पिछले दिनों महाविद्या कालोनी में हुए हादसे के बाद अब जब जांच शुरू हुई तो हल्ला मच गया। जिलाधिकारी नितिन बंसल ने भी निर्माण कराने वाले पालिका के अभियंताओं पर नजरें टेढ़ी कर ली हैं।
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बताया जाता है कि सहायक अभियंता ने मौके पर जाए बगैर कार्यालय में बैठकर ही इस पार्क के सुंदरीकरण के नक्शे को अनुमोदित कर दिया। जिलाधिकारी ने हाल फिलहाल बनाए गए सभी सीवर टैंक की जांच के आदेश कर दिए हैं। इस मामले में कइयों का नपना भी तय माना जा रहा है।
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पूरे जिले में निकायों का सुपरवीजन करने वाले इन एई साहब का नाम है उदयराज सिंह यादव। मथुरा, कोसी और वृंदावन नगरपालिका के एई का जार्च भी इनके ही पास है। सभी तेरह नगर पंचायत भी यही देख रहे हैं। अब एक इंजीनियर इतने बड़े क्षेत्र का सुपरवीजन भला कैसे कर सकता है।
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यही वजह है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नहीं आ रही है। सीवर टैंक आंख बंद करके बनाए जा रहे हैं। पिछले दिनों महाविद्या कालोनी में हुए हादसे के बाद अब जब जांच शुरू हुई तो हल्ला मच गया। जिलाधिकारी नितिन बंसल ने भी निर्माण कराने वाले पालिका के अभियंताओं पर नजरें टेढ़ी कर ली हैं।
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बताया जाता है कि सहायक अभियंता ने मौके पर जाए बगैर कार्यालय में बैठकर ही इस पार्क के सुंदरीकरण के नक्शे को अनुमोदित कर दिया। जिलाधिकारी ने हाल फिलहाल बनाए गए सभी सीवर टैंक की जांच के आदेश कर दिए हैं। इस मामले में कइयों का नपना भी तय माना जा रहा है।