फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   On Sharad Purnima, Thakurji will enter the 'Maharas' (divine cosmic dance).

Mathura News: शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी महारास में करेंगे प्रवेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
On Sharad Purnima, Thakurji will enter the 'Maharas' (divine cosmic dance).
वृंदावन। प्राचीन श्रीराधागोपीनाथ मंदिर में शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी शांत भाव से महारास में प्रवेश करेंगे। मंदिर के गर्भगृह के बाहर जगमोहन में चंद्रमा की धवल चांदनी में ठाकुर गोपीनाथ भक्तों को दर्शन देंगे। एक माह तक चलने वाला यह महारास कार्तिक की महारास पूर्णिमा, 24 नवंबर को संपन्न होगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
विज्ञापन

500 साल पहले वर्ष 1527 में ठाकुर गोपीनाथ का प्राकट्य हुआ था। इसके बाद वर्ष 1559 में भव्य लाल पत्थर से बने विशाल मंदिर में ठाकुरजी विराजमान हुए। प्राचीन मंदिर में 25 को शरद पूर्णिमा पर महारास लीला का शुभारंभ होगा। मंदिर के सेवायत राजा गोस्वामी ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के महारास दर्शन महोत्सव चंद्रमा की धवल रोशनी में होंगे। ठाकुरजी को शाम के समय गर्भगृह से बाहर जगमोहन में पुष्पों से सजे सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा। उन्हें श्वेत रंग की जड़ावदार पोशाक धारण कराई जाएगी। साथ ही खीर का भोग भी लगाया जाएगा। इससे पहले सुबह गोपाल यज्ञ और गिरिराज पूजन किया जाएगा। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
विज्ञापन

----------------

शांत भाव से महारास में प्रवेश करेंगे ठाकुरजी
सेवायत ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी शृंगार भाव में दर्शन देंगे। हालांकि, ठाकुर गोपीनाथ शांत भाव में महारास में प्रवेश करेंगे। भक्तों को गर्भगृह के बाहर जगमोहन में दर्शन प्राप्त होंगे। चंद्रमा की धवल चांदनी में यह महोत्सव विशेष होगा। ठाकुरजी को श्वेत वस्त्र और खीर का भोग अर्पित किया जाएगा। यह दर्शन भक्तों के मन को शांति प्रदान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------------

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

श्रीराधागोपीनाथ मंदिर का इतिहास पांच सौ साल से भी अधिक पुराना है। वर्ष 1527 में ठाकुर गोपीनाथ का प्राकट्य हुआ था। इसके बाद वर्ष 1559 में इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। लाल पत्थर से बने इस विशाल मंदिर में ठाकुरजी विराजमान हैं। यह मंदिर वृंदावन के प्राचीन मंदिरों में से एक है। इसकी ऐतिहासिकता भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है।


---------------

एक माह तक चलेगा महारास

शरद पूर्णिमा से शुरू होकर यह महारास एक माह तक चलेगा। कार्तिक की महारास पूर्णिमा पर इसका समापन होगा। यह तिथि 24 नवंबर को पड़ेगी। इस दिन ठाकुरजी पुनः शृंगार भाव में दर्शन देंगे। सेवायत द्वारा इस पूरे आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed