फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   old man from jawahar bagh case

इन बुजुर्गों को जिंदगी भर रुलाएगा जवाहर बाग में मिला दर्द

Fri, 01 Jul 2016 11:45 PM IST
पुनीत शर्मा
पुनीत शर्मा Updated Fri, 01 Jul 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
old man from jawahar bagh case
jawahar bagh
वक्त के साथ-साथ लोग एक दिन जवाहर बाग हिंसा को भीभूल जाएंगे। लेकिन ये कैसे भूलेंगे जिनका बुजुर्ग शरीर जख्मों का घर हो गया है। किसी की हड्डी टूट गई तो किसी की कमर साथ नहीं दे रही। कई बुजुर्ग तो ऐसे हैं जो डिप्रेशन में चले गए हैं। परिवार वाले जमानत कराने के बाद इनका इलाज करा रहे हैं। लेकिन ये लोग कब तक सही हो पाएंगे, हो भी पाएंगे या नहीं डाक्टर भी नहीं बता पा रहे।
विज्ञापन


जवाहर बाग हिंसा के बाद पुलिस ने 248 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 96 महिलाएं, 122 पुरुष थे। पचास बुजुर्ग ऐसे थे, जिन्हें गंभीर चोटें लगीं थीं। सभी का सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया गया। कन्नौज के छोछापुर निवासी रामसेवक (75) भी पुलिस ने जेल भेज दिए थे। परिवार वाले ढूंढते हुए पहुंचे और जमानत कराकर घर ले गए। लेकिन अभी तक इनका इलाज चल रहा है। पसलियों में हर वक्त दर्द रहता है। बेटे संजू ने बताया कि पैर भी सही से काम नहीं कर रहा है। 
विज्ञापन


बस्ती के राममणि (73) को भी पुलिस ने जवाहर बाग से गिरफ्तार किया था। उनके सिर और कमर पर गंभीर चोटें थीं। पहले तो हफ्ते भर जेल में रहे बाद में परिवार वाले पहुंचे और घर ले गए। राममणि भी चल नहीं पा रहे हैं। कूल्हे की हड्डी में फ्रेक्चर बताया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


झारखंड के वेदपाल (65) और उनकी पत्नी छुटिया (60) के दोनों पैर की हड्डी टूट गई। अब जुड़ भी पाएगी या नहीं कोई नहीं जानता। वृंदावन के अस्पताल में हफ्ता भर भर्ती रहे। अब परिवार वाले इन्हें ले गए हैं। वेदपाल की हालत खराब है। वह सही से बोल भी नहीं पा रहे हैं। लखीमपुर खीरी के होशियार (70) भी जख्मी थे। दो दिन पहले ही वह जमानत कराकर अपने घर गए हैं। उनके हाथ और पैर में अभी भी पट्टियां बंधी हैं। 


बिहार के नथिया (73) की कहानी तो वाकई बड़ी दर्द भरी है। वह बाबा जयगुुरुदेव के शिष्य हैं। नथिया को लखनऊ के स्टेशन पर जवाहर बाग जाने वाले कुछ लोग मिल गए थे। वह भी जयगुरुदेव के शिष्य थे। बस गुुरुभाई मानकर नथिया इनके साथ आ गए और जवाहर बाग में अपना शरीर जख्मी करा लिया। पुलिस ने सूचना भेजी तो परिवार वाले पहुंचे और घायल नथिया को घर ले गए हैं। कानपुर देहात के पनहरा गांव निवासी रामभरोसे (70) भी जवाहर बाग में बुरी तरह से घायल हुए थे। जिक्र केवल इन्हीं का नहीं हैं जवाहर बाग में जिन बुजुर्गों को भी जख्म मिले हैं वह जीवन भर पीछा नहीं छोड़ेंगे। इनमें से अधिकांश के हड्डी में चोट है और इस उम्र में हड्डी ठीक होना संभव नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed