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Mathura News: सहार रजबहा से अधिक सिंचाई सुचारू कराएं अधिकारी
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मथुरा। सहार राजबहा का हाल जानने पहुंचे जल शक्ति मंत्री।
- फोटो : mathura
मथुरा। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को बरसाना से छाता रोड स्थित सहार रजबहा की संरचनात्मक स्थिति, जलप्रवाह और सिंचाई के लिए सुनिश्चित किए गए पानी का अवलोकन किया। साथ ही तटबंधों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने एक सप्ताह के अंदर जलप्रवाह की बाधा दूर करने के साथ-साथ नहर को पूरी तरह सुचारू करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जोर देते हुए अधिकारियों से कहा है कि सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ के बिना प्रदेश की कृषि प्रगति नहीं हो सकती है। जिले के किसान सदियों से सहार रजबहा जैसे परंपरागत जलस्रोतों पर निर्भर हैं। इसलिए रजबहों की नियमित देखरेख, सफाई और मरम्मत अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा है इस क्षेत्र से पिछले कुछ समय से जलप्रवाह में बाधा की शिकायत प्राप्त हो रही थीं। उन्होंने स्वयं मौका निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह पड़ी सिल्ट और किनारों पर कच्ची मिट्टी कटने से जल प्रवाह बाधित जैसी समस्या समाधान के निर्देश दिए। साथ ही कहा है कि अविलंब ड्रेगिंग कार्य प्रारंभ किया जाए और 7 दिनों के भीतर नहर को पूरी तरह सुचारु किया जाए।
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इस रजबहा से पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की होती है सिंचाई
इस रजबहा से क्षेत्र में लगभग पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई होती है। इन क्षेत्रों के गन्ना, गेहूं, बाजरा और मूंगफली जैसी फसलों को समुचित सिंचाई का लाभ मिलता है। इसके अलावा उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्या सुनी। उन्होंने सभी किसानों को समस्या समाधान का आश्वासन दिया है।
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उन्होंने जोर देते हुए अधिकारियों से कहा है कि सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ के बिना प्रदेश की कृषि प्रगति नहीं हो सकती है। जिले के किसान सदियों से सहार रजबहा जैसे परंपरागत जलस्रोतों पर निर्भर हैं। इसलिए रजबहों की नियमित देखरेख, सफाई और मरम्मत अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा है इस क्षेत्र से पिछले कुछ समय से जलप्रवाह में बाधा की शिकायत प्राप्त हो रही थीं। उन्होंने स्वयं मौका निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह पड़ी सिल्ट और किनारों पर कच्ची मिट्टी कटने से जल प्रवाह बाधित जैसी समस्या समाधान के निर्देश दिए। साथ ही कहा है कि अविलंब ड्रेगिंग कार्य प्रारंभ किया जाए और 7 दिनों के भीतर नहर को पूरी तरह सुचारु किया जाए।
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इस रजबहा से पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की होती है सिंचाई
इस रजबहा से क्षेत्र में लगभग पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई होती है। इन क्षेत्रों के गन्ना, गेहूं, बाजरा और मूंगफली जैसी फसलों को समुचित सिंचाई का लाभ मिलता है। इसके अलावा उन्होंने किसानों से संवाद किया और उनकी समस्या सुनी। उन्होंने सभी किसानों को समस्या समाधान का आश्वासन दिया है।
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