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Mathura News: गले की फांस बना सामूहिक विवाह, अधिकारियों को खोजे नहीं मिल रहे दूल्हा-दुल्हन
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मथुरा। गरीब की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए सरकार की तरफ से चलाई गई मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अफसरों के लिए गले की फांस बनती जा रही है। शासन की तरफ से लक्ष्य देने के बाद अफसर युगलों की खोज गांव से लेकर गली तक कर रहे हैं, लेकिन शादी के लिए दूल्हा-दुल्हन नहीं मिल रहे हैं। हालांकि अफसर निर्धारित लक्ष्य को खोजने के लिए ग्राम सचिवों पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन सफलता मिलती नहीं दिख रही है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 663 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य आवंटित हुआ है। इसमें प्रत्येक ब्लॉक के लिए 31-31 और कोसीकलां व मथुरा-वृंदावन के लिए 210 युगलों के हाथ पीले कराने का लक्ष्य है। एक तरफ विभाग सामूहिक विवाह कराने की तैयारियों में जुटा है तो दूसरी तरफ सचिव गांव-गांव जाकर जोड़े खोज रहे हैं।
विभाग को अभी तक 663 के सापेक्ष 80 पात्र ही मिले हैं। लक्ष्य को हासिल करना अधिकारियों के गले की फांस बन गई है। ऐसे में फरवरी के तीसरे सप्ताह में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजना होना संभव नहीं दिख रहा है। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल का कहना है कि अभी तक 80 पात्रों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर नियमानुसार परिवर्तन होगा।
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विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 663 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य आवंटित हुआ है। इसमें प्रत्येक ब्लॉक के लिए 31-31 और कोसीकलां व मथुरा-वृंदावन के लिए 210 युगलों के हाथ पीले कराने का लक्ष्य है। एक तरफ विभाग सामूहिक विवाह कराने की तैयारियों में जुटा है तो दूसरी तरफ सचिव गांव-गांव जाकर जोड़े खोज रहे हैं।
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विभाग को अभी तक 663 के सापेक्ष 80 पात्र ही मिले हैं। लक्ष्य को हासिल करना अधिकारियों के गले की फांस बन गई है। ऐसे में फरवरी के तीसरे सप्ताह में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजना होना संभव नहीं दिख रहा है। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल का कहना है कि अभी तक 80 पात्रों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर नियमानुसार परिवर्तन होगा।
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